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संकल्प आनंद आत्महत्या प्रकरणः बड़े नामों पर ठहर गई जांच

Tue, 07 Jul 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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कोसीकलां के कोटवन में दिल्ली-मथुरा रेलमार्ग पर नौ माह पहले हुए दंपति आत्महत्या प्रकरण में पुलिस अभी तक एक भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार नहीं कर सकी है। मामला हाईप्रोफाइल होने के साथ 250 करोड़ के घोटाले से जुड़ा हुआ है और इसमें आरोपी यूपी पुलिस के डीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों सहित 38 लोग हैं। मामले की कई बाद विवेचना बदलने के बाद भी काम कछुआ गति से चल रहा है। अब दो विवेचकों को लगाकर प्रक्रिया को गति देने की बात पुलिस अधिकारी कर रहे हैं।
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घटना 15 अक्तूूबर 2014 की है। मशहूर गीतकार संतोष आनंद के इकलौते बेटे संकल्प आनंद और उनकी पुत्रवधू नरेश नंदिनी आनंद ने कोटवन के निकट रेललाइन पर आत्महत्या कर ली थी। घटनास्थल के समीप ही संकल्प की कार से 10 पेज का सुइसाइड नोट भी मिला था, जिसमें दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश नारायण अपराध विधि विज्ञान शास्त्र संस्थान में 250 करोड़ के घोटाले का जिक्र था।

संकल्प इस संस्थान में लेक्चरर थे और उन्होंने अपनी आत्महत्या के लिए यूपी पुलिस के डीजी कमलेंद्र और डीआईजी संदीप मित्तल सहित 38 लोगों को जिम्मेदार ठहराया था। साथ इसमें सभी के घोटाले में लिप्त होने की बात भी कही गई थी। पूरा मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी। मामले की विवेचना भी कई बाद कोसीकलां थाने और मथुरा क्राइम ब्रांच के बीच झूली लेकिन इस दौरान केवल चार आरोपियों के ही बयान दर्ज हो सके।
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इसके बाद कुछ और साक्ष्य जुटाए गए लेकिन प्रगति में तेजी नहीं आई। यही कारण है कि घटना के नौ माह बाद भी एक भी आरोपी के खिलाफ चार्जशीट नहीं तैयार हुई है। अब मामले की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच के दरोगा को चुनाव कार्यालय भेजे जाने के कारण दो माह से प्रक्रिया लंबित है। अब पुलिस के अधिकारी दो विवेचकों से विवेचना कराने की बात कह रहे हैं।  


आईजी अमिताभ ने दर्ज कराए बयान
मथुरा। संकल्प आनंद-नरेश नंदिनी आनंद आत्महत्या प्रकरण में यूपी पुलिस के आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर ने भी जानकारी दी। आईजी ने मार्च माह में मथुरा आकर अपने बयान विवेचक को दर्ज कराए थे। इसमें डीजी कमलेंद्र की कार्यशैली और संकल्प के सुइसाइड नोट में लिखी बातों में समानता की बात उन्होंने कही है।  


एसएसपी डा. राकेश सिंह को पूरे प्रकरण से अवगत कराया है। विवेचक के चुनाव कार्यालय जाने के कारण विवेचना लंबित होने की बात भी कही है। अब दो विवेचक लगाकर प्रक्रिया को गति दी जाएगी।
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अशोक कुमार रॉय
एसपी क्राइम, मथुरा
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