जवाहर बाग हिंसा का सूत्रधार रामवृक्ष भी मारा गया। पुलिस ने दो जून को बाग से जो शव बरामद किए थे उनमें से एक शव उसका निकला। शनिवार को जब पुलिस ने मथुरा जेल में बंद एक कब्जाधारी हरनाथ सिंह को शवों के फोटो दिखाए तो उसने उनमें से एक शव की शिनाख्त रामवृक्ष के रूप में की।
शुक्रवार को मथुरा आए डीजीपी जवीद अहमद ने भी इशारा कर दिया था कि रामवृक्ष संभवत: मारा गया है, लेकिन एलान नहीं किया गया था। शुक्रवार को पुलिस ने घोषणा कर दी कि रामवृक्ष की मौत हो गई है। मोर्चरी में जो 18 शव रखे हैं उनमें से एक उसका है।
एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस सभी शवों की शिनाख्त के लिए प्रयास कर रही है। सभी के फोटो उन लोगों को दिखाए गए जो जवाहर बाग मामले में जेल में बंद हैं। दोपहर को सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी फोटो लेकर जेल में गए थे।
हां हरनाथ सिंह को जब सारे फोटो दिखाए गए तो उनमें से एक की पहचान रामवृक्ष के रूप में कर ली गई है। हालांकि उसकी मौत की असल वजह तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगी, लेकिन बताया जा रहा है कि उसके गोली लगी है। पुलिस ने जवाहर बाग प्रकरण में 45 मुकदमे दर्ज कराए हैं। इन सभी पर हत्या, बलवा और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया गया है।