पुलिस 26 अक्तूबर को गांव थना अमर सिंह स्थित कुएं में मिले पिता-पुत्री के शवों के मामले की गुत्थी सुलझाने के करीब पहुंच गई है। यह साफ हो गया है कि प्रेम प्रसंग में बाधक बनने पर पिता-पुत्री को मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
गौरतलब रहे कि 26 अक्तूबर को मांट रोड स्थित थना अमर सिंह के समीप एक कुएं में पिता-पुत्री के शव कुएं में मिले थे। दोनों की शिनाख्त गोपाल पुत्र निनुआ निवासी गौसना थाना जमुनापार और उनकी पुत्री खुशबू पुत्री गोपाल के रूप में हुई थी।
इस मामले में 28 अक्तूबर को थाना राया में विनोद, नत्थौली, सुनील, पुष्पा, अमृता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सुनील निवासी ग्राम नगला विस्सी और कृष्णा भगत निवासी सरदारगढ़ ने पुलिस पूछताछ में मामले का खुलासा किया।
बताया गया कि सुनील का गोपाल के घर पर आनाजाना था और वह दूर के रिश्ते में गोपाल का साला भी लगता था, इस कारण वह गोपाल की पत्नी से बातचीत करता था तो कोई शक भी नहीं करता था। वह गौसना में एक प्राइवेट स्कूल में नौकरी भी करने लगा था।
सुनील का अधिक आनाजाना और आसपास चर्चा सुन कर गोपाल ने सुनील का घर आना बंद कर दिया। परेशान सुनील ने घटना को अंजाम दे दिया। पुलिस की कॉल डिटेल में अंतिम बार सुनील से बातचीत होने का खुलासा हुआ है। थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि पिता-पुत्री के मामले में नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही।
ग्यारह माह बाद दर्ज हुआ अपहरण का मुकदमा
ग्यारह माह से लापता चल रहे गौसना निवासी पुरुषोत्तम के अपहरण होने का मुकदमा थाना जमुनापार में तीन दिन पहले दर्ज हुआ है। बताते चलें कि ग्राम गौसना निवासी पुरुषोत्तम और उसके भाई चंद्रभान का विवाह ककराली से हुआ था। ग्यारह माह पूर्व में पुरुषोत्तम अपनी ससुराल जाने की कह कर गया था उसके बाद उसका कोई अता पता नहीं लग सका है।
परिवारीजनों ने थाना जमुनापार में गुमशुदगी की तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने घटना के संबंध में कोई पूछताछ नहीं की। जब गोपाल और उसकी पुत्री की लाश कुएं में मिली तब परिवारीजनों ने मृतक गोपाल के भाई पुरुषोत्तम और चंद्रभान के गायब होने की जानकारी दी थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर अब आकर घटना की रिपोर्ट थाना जमुनापार में ग्यारह माह बाद दर्ज हुई।