घायल अपराधी राजेश टोंटा की पुलिस अभिरक्षा में हत्या में साथ चल रहे पुलिस बल की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी। चंद अपराधियों के आगे आधुनिक हथियारों से लैस पुलिस की टोली ने हत्या का तमाशा क्यों देखा इसकी गहन जांच की जाएगी।
फिलहाल लापरवाही के आरोप में एंबुलेंस में चल रहे सिपाही संतोष को बर्खास्त कर दिया गया है।
राजेश टोंटा हत्याकांड का खुलासा करने के दौरान आईजी सुनील गुप्ता ने कहा कि निश्चित रूप से जिस तरह की जवाबी कार्रवाई पुलिस की ओर से होनी चाहिए थी वह नहीं हुई। इसी का नतीजा रहा कि पुलिस फोर्स के सामने ही घायल माफिया राजेश टोंटा की हत्या कर दी गई।
आईजी सुनील ने कहा कि पुलिस ने फायरिंग तो की लेकिन इतनी नजदीक से वारदात करके अपराधी फरार कैसे हो गया यह बड़ा सवाल है।
आईजी ने कहा कि प्रथम दृष्ट्या लापरवाही के आरोप में ही राजेश टोंटा के साथ चल रहे थानाध्यक्ष सुरेंद्र यादव सहित सभी सिपाहियों को निलंबित किया जा चुका है। पुलिस की साजिश संबंधी सवाल पर आईजी गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक बिंदु की जांच होगी और जांच में पूरी पारदर्शिता रहेगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।