छात्राओं, युवतियों के फोटो से छेड़छाड़ कर उनको व्हाट्स एप और फेसबुक पर वायरल करने के मामले में पुलिस को आखिर एक सुराग हाथ लगा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में स्थानीय कालेज की एक छात्रा के भी मामले में शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने पीड़ित लड़कियों से लिए बयानों के आधार पर स्थानीय छात्रा की पहचान कर ली है।
इधर मामले में पुलिस के अब तक आरोपी तक नहीं पहुंचने और पीड़ितों से बार-बार पूछताछ पर सवाल उठ रहे हैं। एक-एक पीड़ित से पुलिस के कई अधिकारियों ने चार-चार घंटे तक पूछताछ की है। अब पीड़ित और उनके परिवार इससे आजिज बताए जा रहे हैं।
कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्षा डा. लक्ष्मी गौतम ने कहा कि पीड़ित परिवार समाज में बदनामी के भय से घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। जबकि आरोपी शरारती तत्व अब भी पीड़ितों को परेशान करने से बाज नहीं आ रहा है। इससे पीड़ितों के माथे पर शिकन देखी जा सकती है।
दुस्साहस बढ़ा
वृंदावन। सोशल मीडिया पर स्थानीय छात्राओं और महिलाओं को बदनाम करने वाले व्यक्ति ने शनिवार को भी नगर के एक संभ्रांत परिवार के बीकॉम में पढ़ने वाले युवक के मोबाइल पर दोबारा से उन्हीं 50 छात्राओं और महिलाओं के फोटो भेजे हैं।
इंटक कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन
सोशल मीडिया पर नगर की छात्राओं और महिलाओं को बदनाम करने के मामले में जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए इंटक कार्यकर्ताओं ने विद्यापीठ चौराहे पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ताराचंद्र गोस्वामी ने मामले में मथुरा पुलिस के कोई कार्रवाई नहीं करने पर नाराजगी जताई।
अनु शर्मा, अनीता सिंह, प्रेमवती, मुन्नी देवी, मायादेवी, रजनी गुप्ता, बबलू अग्रवाल, दीपक गोयल आदि उपस्थित रहे। हिंदूवादी नेता रमेश पुजारी ने भी मामले पर पुलिस की सुस्त कार्रवाई का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अब भी आरोपी अन्य लड़कियों के फोटो वायरल करने की धमकी दे रहा है। ऐसे शातिर अपराधी का जल्द से जल्द पकड़ा जाना जरूरी है।