रिफाइनरी की पाइप लाइन से तेल चोरी करके तीन राज्यों में बेचने वाले माफिया के नेटवर्क का बड़ा सियासी कनेक्शन बताया जा रहा है। विधानसभा चुनावों में कई सीटों पर इन लोगों ने पैसा खर्च किया। किसी ने किसी सभा का खर्च वहन किया तो किसी ने किसी सभा का।
मनोज गोयल के भी बड़े सियासी ताल्लुकात बताए जा रहे हैं। उसके कई नेताओं और अधिकारियों से उसके गहरे रिश्ते हैं। काफी नपालीखेड़ा गांव का प्रधान सुजीत चौधरी सपा में जिला सचिव रह चुका है। सपा की कई बड़ी जनसभाओं का उसने आयोजन कराया है। विधानसभा चुनावों के दौरान भी वह सक्रिय रहा था।
राया के भंकरपुर बसेला के प्रधान रामहरि के भी सियासी रिश्ते है। उसने भी कुछ दिन पहले होटल खरीदा था। जो फरार चल रहे हैं उनमें से भी अधिकांश किसी ने किसी पार्टी से जुड़े हुए हैं। कुछ तो सियासी पार्टियों के पदाधिकारी भी बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार लोगों के मोबाइल फोन में कई बड़े सियासी नेताओं के नाम और नंबर फीड मिले हैं।