दो दिन से लापता गांव जैंत निवासी युवक का रविवार को शव मिलने के बाद जैंत चौकी क्षेत्र में तनाव के हालात बन गए। मामले में पुलिस पर ढिलाई का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण चौकी पर पहुंच गए। हंगामा किया। सूचना पर एसपी सिटी पहुंचे और पुलिस-पीएसी बुला ली। देर शाम तक चौकी पर फोर्स तैनात रहा। हत्या के पीछे धुलेंडी के दिन का विवाद बताया गया है। हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जैंत के सिगार मोहल्ला निवासी राजकुमार (26) पुत्र आजाद ठाकुर 24 मार्च को धुलेंडी के दिन होली खेलने गांव मघेरा गया था। वहां चौमुंहा निवासी संजय ठाकुर और चंद्रपाल ठाकुर से बाइक टकराने पर विवाद हो गया। मारपीट हुई। मौके पर जैंत के कुछ लोग पहुंचे और समझौता करा दिया।
लेकिन इसके बाद राजकुमार घर नहीं पहुंचा। परिवारीजनों ने जान-पहचान वालों और रिश्तेदारी में तलाश किया लेकिन कुछ पता नहीं लगा। शनिवार शाम परिवारीजनों ने जैंत चौकी में राजकुमार की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर्राई।
राजकुमार के परिवारीजनों के शक जताने पर पुलिस ने संजय और चंद्रपाल को चौमुंहा से पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार चौकी लाकर पूछताछ की गई तो उन्होंने धुलेंडी के दिन ही राजकुमार की हत्या करना कबूल किया। दोनों ने रविवार तड़के चौमुंहा-परखम रोड पर एक खेत से राजकुमार का शव बरामद कराया। यहां खेत में गड्ढा खोदकर शव छुपाया गया था। मृतक के सिर में गहरी चोट के निशान थे और बाल उखड़े हुए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
इधर हत्या की सूचना से जैंत में तनाव फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण जैंत चौकी पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप था कि बताए जाने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई में लापरवाही, देरी की। शव को परिवारीजनों को बिना बताए ही पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चौकी पर हंगामे की सूचना पर एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी पहुंचे। उन्होंने मौके पर चार थानों की पुलिस और पीएसी बुला ली।
ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। शाम तक पुलिस चौकी पर फोर्स तैनात रहा। पोस्टमार्टम गृह पर भी ग्रामीणों की भीड़ रही।
मामले में राजकुमार के बड़े भाई देवेन्द्र ने संजय, चंद्रपाल और तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जैंत से लापता युवक राजकुमार की चौमुंहा के दो युवकों ने हत्या कर दी थी। हत्या के आरोपियों की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया गया है। घटना के बाद चौकी और गांव में तनाव के हालात देखते हुए पुलिस और पीएसी बुलाई गई है।
-मुकुल द्विवेदी, एसपी सिटी
समझौता कर पिलाई थी शराब
पुलिस के अनुसार विवाद के बाद लोगों ने समझौता तो करा दिया था लेकिन संजय और चंद्रपाल ने राजकुमार को सबक सिखाने की ठान ली थी। पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह उसे समझौते का हवाला देकर साथ ले गए और एक जगह शराब पिलाई। नशा होने पर लोहे की छड़ आदि मारकर हत्या कर दी।
मदर टेरेसा एनजीओ प्रकरण से संबंध तो नहीं
राजकुमार सेंट पीटर्स मदर टेरेसा एंड चिल्ड्रन एजूकेशन वेलफेयर आर्गनाइजेशन की चेन से भी जुड़ा हुआ था। उस पर इस संस्था से जोड़कर आसपास के बेरोजगार युवकों को शिक्षक और सुपरवाइजर बनवाने के लिए मोटी रकम वसूलने का आरोप लगा था। बताया गया कि एनजीओ के फरार हो जाने के बाद से पीड़ित युवक रकम के लिए उसके घर के चक्कर लगा रहे थे। हालांकि पुलिस हत्या से इस मामले का संबंध नहीं मान रही है।
राजकुमार के मोबाइल डाल ली थी सिम
पुलिस के अनुसार राजकुमार की हत्या का आरोपी चंद्रपाल मृतक के मोबाइल को प्रयोग कर रहा था। हत्या के बाद उसने राजकुमार के मोबाइल से उसकी सिम निकालकर फेंक दी थी और अपनी सिम डाल ली थी।
पूछताछ में पहले तो संजय और चंद्रपाल ने हत्या की बात कबूल नहीं की लेकिन जब राजकुमार के मोबाइल को प्रयोग करने की बात जाहिर की गई तो वह टूट गए। बताया गया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट के बाद पुलिस ने राजकुमार के मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया था। मोबाइल की लोकेशन चौमुंहा में मिल रही थी। राजकुमार का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है।