थाना बरसाना के गांव हाथिया में गुरुवार को हथियारों के सौदागरों के यहां एक बार फिर पुलिस ने दबिश दी। छह थानों की पुलिस ने करीब 12 अवैध हथियार बरामद किए। इनमें छह राइफल बताई जा रही हैं।
एसपी देहात शगुन गौतम को सूचना मिली थी कि हाथिया में एक बार फिर से सिकलीगर हथियारों का कारोबार करने लगे हैं। एसपी देहात ने सीओ छाता अतुल श्रीवास्तव, छाता कोतवाली, कोसीकलां, थाना शेरगढ़, गोवर्धन, नंदगांव चौकी और आसपास के पुलिस बल के साथ हाथिया में दबिश दी। छह मकान और आसपास का क्षेत्र खंगाला गया।
हथियार के साथ उनको बनाने उपकरण, अधबने हथियार और सामान बरामद किया गया। दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।पुलिस ने हाथिया में चोरी के वाहनों को बेचने के संदेह में भी कुछ घरों पर दबिश दी। वहां से गाड़ियों के अवैध दस्तावेज, कंप्यूटर, कलर प्रिंटर और अन्य सामान बरामद किया गया।
मुंगेर से मथुरा तक तस्करी
लगभग एक सप्ताह पहले पुलिस की इंटेलीजेंस टीम को अत्याधुनिक हथियारों की खेप आने की सूचना मिली थी। टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए गिरीश उर्फ बडड्न और अभिषेक चतुर्वेदी को हथियारों के साथ पकड़ा। ये दोनों मथुरा में अवैध हथियारों का धंधा करते हैं।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि उनके साथी बिहार के मुंगेर से कार में हथियारों की खेप लेकर आते हैं। इसमें मुख्य रूप से आधुनिक पिस्टल होती हैं। गाड़ी की सीट के नीचे और क्लच ब्रेकके नीचे अलग से डिग्गीनुमा केबिन बनाई जाती है। ऊपर से कारपेट लगाकर छिपा दिया जाता है।
आरोपियों का कहना है कि इन हथियारों की सबसे ज्यादा मांग धनाढ्य परिवार के नए लड़के करते हैं। रंगदारी दिखाने के लिए पिस्टल की खरीद तो हाथोंहाथ होती है। पिस्टलों को कैरियर 12 से 15 हजार में लाते हैं और 20 हजार तक मध्यस्थ को बेचते हैं। मध्यस्थ इन्हेें ग्राहकों को 30 से 35 हजार रुपये में बेच देते हैं।
मेड इन चाइना पिस्टल
मथुरा। बिहार के मुंगेर में बनी पिस्टल की खासियत है कि उनके बनाने में सिकलीगर रेती, बरमा का प्रयोग कम से कम करते हैं और ज्यादातर सामान की वहां ढलाई की जाती है। उन पर मेड इन चाइना और मेड इन इग्लैंड भी लिख देते हैं।