थाना कोतवाली के अंतर्गत गांव गोपालगढ़ में बुधवार सुबह बाइक सवार लोगों ने गांव के किशनलाल (50) को गोली मार दी। मौके पर पहुंचे परिवारीजन उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल ले गए। वहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र के द्वारा चार नामजद और दो अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
गांव गोपालगढ़ निवसी किशनलाल पुत्र बदन सिंह नेशनल हाईवे स्थित एक पीतल फैक्ट्री में नौकरी कर अपना परिवार चला रहे थे। बुधवार की सुबह करीब 8:30 बजे वे साइकिल से फैक्ट्री जाने के लिए निकले थे। घर से करीब एक किलोमीटर दूर बगीची के पास बाइक सवार लोग उन्हें गोली मार कर फरार हो गए। गोली किशनलाल के सीने में लगी और वह गिर गए। वहां से गुजर रहे गांव के ही अन्य लोगों ने इसकी जानकारी किशनलाल के परिवारीजनों को दी। इससे उनके घर में कोहराम मच गया।
मौके पर पहुंचे परिवारीजन उन्हें लेकर माहेश्वरी हास्पिटल गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
घटना के संबंध में मृतक के पुत्र रंजीत सिंह ने गांव के ही हरीचंद्र, गोपीचंद्र और श्रीचंद्र (तीनों सगे भाई हैं), अनिल और दो अन्य लोगों पर पुरानी रंजिश में हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने हरीचंद्र, गोपीचंद्र और श्रीचंद को हिरासत में ले लिया है।
डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था विवाद
वृंदावन। गांव गोपालगढ़ में अधेड़ किशनलाल की हत्या के तीन आरोपियों हरीचंद्र, गोपीचंद्र और श्रीचंद को पुलिस ने एक गेस्ट हाउस में बिजली और टेंट लगाते समय गिरफ्तार किया। पुलिस को जानकारी मिली है कि सुबह काम करने के दौरान तीनों भाई कई बार मौके से गए और आए।
मृतक किशनलाल के भाई महावीर ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व किशनलाल के पुत्र को इन्हीं लोगों ने बुरी तरह पीटा था और जान से मारने की धमकी दी थी। बाद में इस मामले में समझौता हो गया था। महावीर ने बताया कि दिसंबर में भी किशनलाल पर कुछ लोगों ने जान से मारने की नियत से फायरिंग की थी, लेकिन वह उस समय वे बच गए। कुछ लोगों ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व गांव निवासी हरीचंद्र की पत्नी के साथ हुई छेड़छाड़ भी हत्या का कारण हो सकती है। कुछ लोग हत्या का कारण जमीनी विवाद भी बता रहे हैं।