प्राइवेट गाड़ी से दो लोग बुधवार को सबसे पहले शंकरपुर के कोटेदार श्यामलाल
के पास पहुंचे और स्वयं को पूर्ति निरीक्षक बताया। कागजों को चेक करने के
बाद कोटे की दुकान को निलंबित करने की चेतावनी दी। कोटेदार से पांच हजार
रुपये मांगे। हालांकि दो हजार रुपये लेकर लौट गए।
जगतपुर के कोटेदार राजेश कुमार के स्टॉक को चेक करने के बाद दो हजार रुपये
वसूले। शक होने पर राजेश ने ऊंचाहार के पूर्ति निरीक्षक से जानकारी ली तो
पता चला कि फर्जी पूर्ति निरीक्षक हैं। पोल खुलने के बाद कोटेदारों ने
ग्रामीणों की मदद से दोनों फर्जी पूर्ति निरीक्षकों को लक्ष्मणपुर रेलवे
क्रॉसिंग के पास पकड़कर पीटा और पुलिस को सौंप दिया। कोटेदार राजेश कुमार
ने फर्जी पूर्ति निरीक्षक राजेश रावत व मुकेश द्विवेदी के खिलाफ थाने में
तहरीर दी है। एसओ जगतपुर केके पांडेय ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है।
आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इन लोगों ने अब तक कितने
कोटेदारों से वसूली की, इसकी जानकारी भी की जा रही है।