सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी को जलाने की घटना के सामने आने के बाद से गांव में तनाव के हालात हैं। बुधवार को एहतियातन गांव में पीएसी तैनात कर दी गई। पुलिस के अनुसार ऐसा परिवार पर आरोपियों के पक्ष की ओर से दबाव बनाए जाने से रोकने के लिए भी किया गया है। मामले में मंगलवार देर रात डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने गांव पहुंचकर पीड़िता के छोटे भाई से पूछताछ की।
19 अप्रैल को कोसी थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसे जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। 21 अप्रैल को मामला सामने आया। जिसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक की उम्र 15 वर्ष बताई गई है।
घटना के सामने आने के बाद से गांव में तनाव के हालात हैं। पीएसी की तैनाती के बाद मोहल्ले की गलियां वीरान ही दिखाई दीं। पूछताछ के भय से पीड़िता के घर पड़ोसी भी आने से कतराते रहे। मंगलवार की देर रात डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने गांव पहुंचकर पीड़िता के छोटे भाई से बात की। वहीं फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। इधर बुधवार दोपहर के बाद पीड़िता की हालात में सुधार हुआ है।
छत पर जलाई गई पीड़िता
गैंगरेप पीड़िता के छोटे भाई के अनुसार पुलिस ने घटनाक्रम का खाका खींचा। छोटे भाई के अनुसार आरोपियों के चंगुल से छुड़ाने के बाद पापा ने घर पर दीदी को बहुत डांटा था। जिससे वह परेशान थी। मैं और दीदी पास-पास ही सो रहे थे। तड़के पांच बजे जब कुछ शोर पर उसकी आंख खुली दीदी जलती हुईं छत से नीचे उतर रही थीं। दीदी ऊपर कब गईं और उनको कौन ले गया, ये उसको नहीं पता चला।