शेरगढ़ में दो शराब माफियाओं के बीच सोमवार की रात को जमकर फायरिंग हुई। दोनों के गुर्गों ने शराब के काले कारोबार पर अपना वर्चस्व कायम करने के लिए एक बड़े इलाके को दहशत में डुबो दिया। हालांकि फायरिंग में किसी को नुकसान नहीं हुआ लेकिन पुलिस इसी तरह खामोश रही तो आगे बड़ा बवाल हो सकता है। खास बात यह है कि पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय दोनों पक्षोें को थाने से चेतावनी देकर ही छोड़ दिया।
4000 से अधिक की आबादी वाले शेरगढ़ के गांव रान्हेरा में 50 से अधिक परचून की दुकान हैं। यहां गांव के दो शराब कारोबारी रोज मैक्स पिकअप जीप और अन्य वाहनों से हरियाणा निर्मित शराब लाते हैं और गांव व आसपास के इलाके में दुकानों पर शराब आपूर्ति करते हैं।
सूत्रों के अनुसार शेरगढ़ थाने के पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से यह कारोबार चल रहा है। सोमवार रात को एक दूसरे के क्षेत्र में सेंधमारी को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट के बाद फायरिंग हो गई। सूचना पर ग्रामीण पहुंचे और दोनों माफियाओं ने पुलिसकर्मियों को बुला लिया।
दोनों की शराब लदी गाड़ियां ग्रामीणों के सामने खड़ी रहीं लेकिन पुलिस ने न तो गाड़ी पकड़ी और न शराब माफियाओं को ही पकड़ा। आरोप है कि पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया। अब शेरगढ़ पुलिस ऐसी किसी भी घटना से इनकार कर रही है।