छाता कोतवाली क्षेत्र में सोमवार तड़के हुए हादसे में गाजियाबाद निवासी चिकित्सक डा. आशीष मिश्रा की मौत हो गई। उनके साथ कार में सवार दो अन्य चिकित्सक और दो महिलाओं को गंभीर घायल अवस्था में हास्पिटल में दाखिल कराया गया है। पुलिस के अनुसार नीली बत्ती लगी कार काफी तेज रफ्तार में थी जब हादसा हुआ।
गांव राल के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक डा. मुनेन्द्र चाहर अपने मित्र गाजियाबाद के थाना कवि नगर के शास्त्री नगर कालोनी निवासी डा. अशीष मिश्रा (28), डा. अमित अरोड़ा के साथ अपनी नई स्कार्पियो कार से दिल्ली की ओर से मथुरा लौट रहे थे।
सोमवार तड़के 3:30 बजे उनकी कार छाता कोतवाली क्षेत्र में हाइवे स्थित शेरगढ़ तिराहे के निकट पुलिया से टकरा गई। गति अधिक होने से गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना में डा. आशीष मिश्रा की मौके पर ही मौत हो गई। डा. मुनेन्द्र, डा. अमित अरोड़ा सहित दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
सूचना पर तड़के चार बजे छाता पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने गाड़ी को कटवाकर घायलों, डा. आशीष के शव को निकाला। छाता कोतवाली प्रभारी यशकांत सिंह ने बताया कि दो महिलाओं को केडी मेडिकल में भर्ती कराया गया है। एक महिला मांट की और दूसरी गाजियाबाद की रहने वाली थी। उनको प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि घटना के समय चालक के नशे में होना बताया जा रहा है। गाड़ी में नीली बत्ती मिली है। चिकित्सक की निजी गाड़ी पर उत्तर प्रदेश सरकार भी लिखा है। परिवारीजन घायल चिकित्सक डा. मुनेन्द्र चाहर और अमित को मंडी समिति के निकट एक निजी अस्पताल में ले गए। मामले में उनके साथी देवेन्द्र अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पति-पत्नी दोनों फिजियोथेरेपिस्ट
गाजियाबाद के कविनगर के शास्त्री नगर निवासी डा. आशीष कुमार अच्छे फिजियोथेरेपिस्ट थे। उनकी पत्नी डा. जयश्री भी फिजियोथेरेपिस्ट हैं। दोनों गाजियाबाद स्थित काटिया अस्पताल में प्रैक्टिस करते थे। आशीष पिछले साल फिजियोथेरेपी की विशेष ट्रेनिंग लेने लंदन भी गए थे।