थाना हाईवे क्षेत्र में रविवार रात भरतपुर रोड पर हुई सड़क दुर्घटना में घायल युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से डेढ़ लाख का बिल मिलने पर परिवारीजन भड़क गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा बिना बिल दिए शव देने से मना करने पर विवाद और बढ़ गया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाइक राइडिंग के दौरान युवक ने हेलमेट नहीं लगाया था।
थाना हाईवे के गांव सलेमपुर निवासी तेजवीर सिंह (44) पुत्र बुद्धीराम हाल निवासी महेन्द्र नगर रविवार देर रात बाइक से जा रहे थे। भरतपुर रोड पर चुंगी के पास एक वाहन और उनकी बाइक में टक्कर हो गई। इसमें तेजवीर गंभीर रूप से घायल हो गए। हाईवे की गश्ती पुलिस ने देर रात तेजवीर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
हालत चिंताजनक होने पर परिवारीजन उन्हें लेकर नयति अस्पताल गए। तेजवीर के भाई धम्मो और मोती का आरोप है कि अस्पताल में सीनियर डाक्टर की जगह जूनियर डाक्टर इलाज करते रहे और रक्त का दो घंटे में दूसरे अस्पताल से इंतजाम कराया। इससे तेजवीर की हालत बिगड़ गई और तड़के उनकी मौत हो गई। तेजवीर की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिवार को डेढ़ लाख रुपये का भी बिल थमा दिया।
इस पर विरोध जताया तो अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से मना किया। इस पर हंगामा होने लगा। सूचना पर गोविंद नगर, हाईवे, कोतवाली और सदर थाने की फोर्स के साथ एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी व सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी अस्पताल पहुंचे। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।