आतंक का पर्याय बन चुके 50,000 रुपये के इनामी देवेंद्र सिंह का मथुरा में भी खौफ रहा है। उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में लूट, हत्या का प्रयास, रोड होल्डअप, वाहन लूट, चोरी और डकैती आदि के आरोप में 24 मुकदमे दर्ज हैं।
मांट थाना क्षेत्र के गांव ऊधर का देवेंद्र वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। उसके बाद ही देवेंद्र को एसओजी में पोस्टिंग मिल गई। उसकी हरकतों को देखते हुए वर्ष 2007 में उसे बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्त होने के बाद ही उसने अपना गैंग बना लिया। फिर मथुरा और आगरा में एक के बाद एक ताबड़तोड़ वारदातें कर उसने लोगों को दहला दिया।
पुलिस के अनुसार मथुरा में देवेंद्र के खिलाफ बलदेव, मांट, रिफाइनरी आदि थानों में लूट, डकैती, हत्या का प्रयास, वाहन लूट और रोड होल्डअप के करीब 24 मुकदमे पंजीकृत हैं। आतंक का पर्याय बना देवेंद्र कई बार पुलिस की सुरक्षा को धता बताकर अपने गांव में आया, लेकिन फिलहाल काफी समय से उसे गांव में नहीं देखा गया।
लोगों का कहना है कि पंचायत चुनाव में देवेंद्र की गांव में मौजूदगी रही। मथुरा पुलिस आज तक उसे पकड़ नहीं पाई। तीन भाइयों में देवेंद्र का परिवार आगरा में रहता है। एसएसपी पीआरओ अजय यादव ने बताया कि देवेंद्र सिंह पर मथुरा के विभिन्न थानों में 24 मुकदमे दर्ज हैं।