धर्मनगरी के कालेजों की छात्राओं और लड़कियों के मॉर्फ किए अश्लील फोटो और वीडियो क्लिप व्हाट्सएप और फेसबुक पर वायरल हो रहे हैं। यह सब शहर के ही शरारती लड़कों का गैंग कर रहा है। पीड़ित परिवार समाज में बदनामी के भय के कारण शरारती तत्वों के खिलाफ खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं। मामला लंबे अर्से से जिला पुलिस के संज्ञान में है, फिर भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
सोमवार की शाम कुछ पीड़ित परिवारों ने कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्ष डा. लक्ष्मी गौतम से मिलकर समस्या को रखा। उन्होंने मामले को केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और समाज कल्याण आयोग के समक्ष रखने की बात कही है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2015 में पहली बार एक स्थानीय युवती का फोटो व्हाट्सएप पर वायरल हुआ। युवती का अश्लील फोटो उसी के व्हाट्सएप नंबर पर शेयर किया गया। इसके बाद परिवार ने पुलिस को शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। शरारती तत्वों के हौसले बढ़ते चले गए। लगातार जारी इस सिलसिले में करीब 50 से अधिक युवतियों के अश्लील फोटो और वीडियो क्लिप सामने आ चुके हैं। कुछ मामलों में तो युवतियों की मां के फोटो भी वायरल हुए।
कुछ परिवारों ने दिसंबर 2015 में तत्कालीन एसएसपी डा. राकेश कुमार सिंह से मामले की शिकायत की थी। उन्होंने यह मामला साइबर सेल में भेजने की बात कहते हुए कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़ित परिवारीजनों का कहना है कि मामले में प्रदेश सरकार द्वारा जारी महिला हेल्पलाइन नंबर पर भी संपर्क किया लेकिन वहां पर भी सुनवाई नहीं हुई। डा. लक्ष्मी गौतम ने पीड़ितों को हर संभव मदद और कानूनी मदद का भरोसा दिलाया है।
मामले में वृंदावन कोतवाली प्रभारी मुनीश चंद्र ने बताया कि उनके पास इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई है। मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है। पीड़ित परिवार कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने के लिए स्वतंत्र हैं। पुलिस हर संभव मदद करेगी।