कोतवाली क्षेत्र के चौबियापाड़ा में दोपहर को बारह बजे अचानक फायर हुआ। तभी शोर मच गया कि एक तीन सात का बच्चा लहूलुहान हो गया है। जितेंद्र रावत के तीन साल के बेटे के सिर से खून बह रहा था। पहले तो घर वाले स्थानीय डाक्टरों की ओर दौड़े, हालत गंभीर देखते हुए उसे जयपुर ले गए।
चौबियापाड़ा की ककोरन घाटी निवासी बांकेलाल चतुर्वेदी के मकान में जितेंद्र रावत किराए पर रहते हैं। उनका तीन वर्षीय पुत्र ओएश तीसरी मंजिल से नीचे झांक रहा था। कुछ ही देर बाद वह अपनी छत पर गिर पड़ा। चीख सुनकर आए परिवारीजनों ने उसके सिर से खून बहता देखा तो उनके होश उड़ गए।
लोगों के अनुसार सूचना पर पहुंची पुलिस ने जानकारी जुटाई तो तमंचे की टेस्टिंग के लिए फायर किए जाने की बात सामने आई है। फिर भी पुलिस अभी तक कुछ बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि पुलिस ने बच्चे के पिता की तहरीर पर चौबच्चा चौबियापाड़ा निवासी सत्यम चतुर्वेदी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश भी दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पूर्व सभासद दिनेश चतुर्वेदी ने बताया कि मुहल्ले वालों ने चंदा करके बच्चे के इलाज के लिए पैसा दिया है।
बच्चे की दादी माया और मां शिवानी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि बच्चे के लिए इलाज के लिए कहां से पैसे लाएंगे। जितेंद्र के दो सुपुत्र हैं, ओएश बड़ा है, इससे छोटा एक साल का है। वह गेस्ट हाउस में नौकरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं।
कहां से आ रहे चौबियापाड़ा में तमंचे
चौबियापाड़ा में बीते वर्ष नवंबर में भी एक बच्चे को गोली लगी थी। उसकी मौत हो गई थी। यदि तमंचे की टेस्टिंग के लिए चलाई गई गोली मासूम को लगी है तो यह गंभीर मामला है। यहां के लोगों का कहना है कि यहां ये तमंचे कहां से आ रहे हैं और पुलिस इससे अनजान क्यों बनी हुई है।