मथुरा। शहर में सरेशाम लूट में नाकाम होने पर बाइक सवारों ने सराफ को गोली मार दी। खून से लथपथ सराफ को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत गंभीर होने पर आगरा रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस लुटेरों को पकड़ने में नाकाम रही।
प्रोफेसर कॉलोनी निवासी मोहन सोनी (47) पुत्र गोपीचंद की बीएसए कॉलेज रोड पर दीप ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। रविवार की शाम सात बजे वह दुकान बंदकर बाइक से लौट रहा था। घर से 150 मीटर दूरी पर बाइक सवार लुटेरों ने उसे लूटने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर उसे गोली मार दी। एक गोली सीने पर तो दूसरी गोली गले के पास लगने पर खून से लथपथ सराफ जमीन पर गिर पड़ा।
फायरिंग की आवाज सुनकर जब तक भीड़ उस तरफ आती, तब तक बाइक सवार लुटेरे भाग खड़े हुए। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने सराफ को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। एसपी सिटी उदय शंकर सिंह, सीओ सिटी वरुण भी पहुंच गए। पूरी जानकारी जुटाकर कोतवाली पुलिस को खुलासे के निर्देश दिए। वहीं सराफ की हालत चिंताजनक देखते हुए आगरा रेफर कर दिया गया। एसपी सिटी ने बताया कि सराफ को दो गोली लगी है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
कोतवाली पुलिस की खुली सक्रियता की पोल
मथुरा। शहर में सरेशाम वारदात ने पुलिस की सक्रियता की कलई खोलकर रख दी है। अगर कोतवाली पुलिस सतर्क और सजग होती तो सराफ के साथ यह वारदात नहीं होती। खास यह है कि पुलिस की पेट्रोलिंग पर भी सवाल खड़े होते हैं। वारदात से पहले पेट्रोलिंग तो थी नहीं, वारदात के बाद पुलिस की हीलाहवाली का फायदा उठाकर बाइक सवार लुटेरे भाग खड़े हुए। पुलिस ने भी लुटेरों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी करने की जहमत तक नहीं उठाई।
कोतवाली पुलिस के खिलाफ व्यापारियों में उबाल
मथुरा। सरेशाम सराफ को लूटने की कोशिश व गोली मारने की घटना से व्यापारियों में उबाल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि रविवार दोपहर बाइक सवार लुटेरों द्वारा व्यक्ति से 30 हजार रूपये लूटकर भागने की वारदात को गंभीरता से लिया गया होता तो यह घटना नहीं होती।
- सराफ से लूट की कोशिश और गोली मारे जाने की घटना का जल्द खुलासा किया जाएगा। फिलहाल सराफ को आगरा रेफर कर दिया गया। खुलासे के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। -डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी।