Mathura: श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के जवाब दाखिल करने का प्रार्थनापत्र खारिज
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में ठाकुर केशवदेव के दावे में प्रतिवादी श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट ने जवाब देने की समय सीमा खत्म होने के बाद प्रार्थना पत्र दिया तो अदालत ने अस्वीकार कर दिया। अदालत ने कहा कि सभी फाइलें हाईकोर्ट ने तलब कर ली हैं और केस में 12 जुलाई को सुनवाई होनी है। ऐसे में उनको जवाब दाखिल करने का अब कोई मौका नहीं मिलेगा।
श्री कृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पर मौजूद ईदगाह को हटवाने के लिए ठाकुर केशवदेव का भक्त बनकर एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह व वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी आदि ने वर्ष 2021 में दावा किया था। इसमें ईदगाह के इंतजामिया कमेटी के सचिव, अध्यक्ष सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अलावा श्री कृ़ष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव तथा श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट को प्रतिवादी बनाया।
अदालत में दिया गया प्रार्थना पत्र
पूरे मामले की सुनवाई के दौरान ट्रस्ट के अधिवक्तागण न केवल मौजूद रहे बल्कि उनके द्वारा विभिन्न बिंदुओं पर अदालत में प्रतिक्रिया भी दीं गई परंतु दावे में हाजिर होने के बावजूद उनके द्वारा जवाब तक दाखिल नहीं किया गया। अब जबकि पक्षकार रंजना अग्निहोत्री की रिट पर सभी मुकदमों की सुनवाई हाईकोर्ट होनी है तो ट्रस्ट द्वारा जवाब दाखिल करने के लिए सिविल जज सीनियर डिवीजन रुचि तिवारी की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया।
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बीच में प्रार्थना पत्र सुनना संभव नहीं
जब यह प्रार्थना पत्र न्यायाधिकारी के समक्ष आया तो उन्होंने पर विचार से इन्कार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल सभी फाइल हाईकोर्ट ने तलब कर ली हैं और वैसे भी अदालत में सुनवाई के लिए अगली तारीख 12 जुलाई है तो इस प्रार्थना पत्र को बीच में सुनना संभव नहीं है।
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12 जुलाई को हो सकता निस्तारण
पक्षकार वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि किसी भी पक्ष को अपना जवाब दाखिल करने का अधिकतम समय 90 दिन हैं। यह समय निकलने के बाद जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से अनुमति लेनी होती है। श्री कृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के अधिवक्ता महेश चतुर्वेदी ने बताया कि उन्होंने अदालत में ठाकुर केशवदेव के वाद में जवाब दाखिल करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। अदालत ने अब 12 जुलाई को इसके निस्तारण की बात की है।