मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़ी विशेष अनुमति याचिकाओं (एसएलपी) के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर स्थानीय लोक अदालत में रखी गई सुलह वार्ता विफल हो गई थी। दरअसल, वार्ता में भाग लेने के लिए ईदगाह पक्ष अदालत में पहुंचा ही नहीं। न्यायालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में बृहस्पतिवार को सुलह वार्ता विफल होने का आदेश पारित कर दिया गया।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद मामले में अब तक 18 वाद दायर हैं। इन सभी की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही है। पिछले दिनों कुछ लोगों ने सात विशेष अनुमति याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कीं। इसमें कहा गया था कि दोनों पक्षों में समझौता कराकर विवाद का निस्तारण किया जाए।
ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा में विशेष लोक अदालत में यह मामला स्थानांतरित किया और समझौते का प्रयास कराने को कहा था। शनिवार को इस मामले में विशेष लोक अदालत में एडीजे-11 सुरेंद्र प्रसाद के न्यायालय में सुलह समझौते का प्रयास हुआ। अदालत में आयोजित इस प्रक्रिया के दौरान हिंदू पक्ष के वादी उपस्थित हुए, जबकि मुस्लिम पक्ष सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुआ। परिणाम यह रहा कि सुलह वार्ता विफल हो गई थी। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को कोर्ट ने सुलह वार्ता विफल होने का आदेश पारित किया है।