मथुरा। जीआरपी की लापरवाही के कारण 15 माह तक अपनी बेटी से दूर जिला कारागार में रहने वाली हिना चौहान को शुक्रवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) की कोर्ट ने जमानत दे दी। हिना के साथ ही कोर्ट ने तीन अन्य आरोपियों को भी 20-20 हजार के अनुबंध पत्र पर जमानत दी है।
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक यादराम ने बताया कि 7 जनवरी 2023 को जंक्शन से भरतपुर राजस्थान के कच्ची बस्ती रंजीत नगर निवासी महिला फूलवती की ढाई साल की बेटी चोरी हो गई थी। महिला की तहरीर पर जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी। 10 अक्तूबर 2023 को पुलिस ने पांच सदस्यीय बच्चा चोर गिरोह के कब्जे से बच्ची को बरामद किया।
पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र के सोलापुर निवासी हिना चौहान, आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन पहाड़गंज नई दिल्ली निवासी तिलकराम उर्फ अतुल पांडेय, आरिफ उर्फ तोतला, उमरगांव जिला बेलापुर निवासी तुलसी उर्फ तुलिया पवार और आरके मेट्रो स्टेशन दिल्ली निवासी काजल को गिरफ्तार कर हिना चौहान से बच्ची को बरामद किया।
हिना पुलिस के समक्ष लाख सफाई देती रही कि बेटी उसकी है, लेकिन जीआरपी ने उसे उसकी ही बेटी के अपहरण में जेल भेज दिया। साथ ही बच्ची को फूलवती के सुपुर्द कर दिया। हिना ने बाल कल्याण समिति से गुहार लगाई तो फूलवती, हिना चौहान और बच्ची का सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए लैब भेजा। नवंबर 2024 को आई रिपोर्ट में बच्ची का डीएनए हिना चौहान से मिल गया। 31 जनवरी 2024 को 15 माह बाद कोर्ट के आदेश पर बच्ची को उसकी मां के पास जिला कारागार भेज दिया।
इस मामले में हिना चौहान, तिलकराम उर्फ अतुल पांडेय, आरिफ उर्फ तोतला, तुलसी उर्फ तुलिया पवार के अधिवक्ता ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) की कोर्ट में जमानत याचिका डाली। शुक्रवार को कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हिना समेत चारों आरोपियों को जमानत दे दी। साथ ही मामले की विवेचना करने वाले दरोगा गौरव कुमार वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग आगरा को आदेश दिया है। एक अन्य आरोपी काजल को नवंबर 2024 में उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी थी।