मथुरा। साइबर ठगों को आधार कार्ड डाटा चोरी कर मोटी कीमत में बेचने वाला सपा पार्षद व उसका गैंग बड़ी साइबर ठगी का प्लान बना रहा था। उसने देश के कई राज्यों में अपना नेटवर्क फैला रखा था। पुलिस की पूछताछ में खुद आरोपियों ने इस बात को स्वीकार किया। अब पुलिस इनके नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
समाजवादी पार्टी से वार्ड-31 का पार्षद मुन्ना मलिक पुत्र हुसैनी निवासी सुखदेव नगर, कोतवाली अपने साथी रवि पुत्र मुन्नालाल और कमरुद्दीन पुत्र बिल्लू उस्मानी निवासीगण सुखदेव नगर, कोतवाली के साथ मिलकर आधार कार्ड डाटा चोरी का गैंग चला रहा था। सुखदेव नगर में पार्षद के संरक्षण में रवि ने आधार कार्ड संशोधन खोल रखा था। पुलिस पूछताछ में स्वीकारा कि वह दो साल से इस काम को अंजाम दे रहे थे।
साइबर ठगों को डाटा बेचने से ज्यादा खुद सीधे उक्त डाटा का इस्तेमाल कर ठगी करने में ज्यादा मुनाफा दिखाने लगा था। इसको ध्यान में रखते हुए वह खुद ही सीधे साइबर ठगी करने पर काम कर रहे थे। देश के कई साइबर ठग गिरोह से सीधे संपर्क भी कर रखा था। इसके अलावा इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री के जरिये वह विभिन्न प्रकार से साइबर ठगी करने की ट्रेनिंग भी ले रहे थे।
सीएमओ, पार्षद, प्रिंसिपल की तहरीर मिलने का पुलिस को इंतजार
गैंग के पास से पुलिस को सीएमओ, कृष्णा इंटर कॉलेज, गोकुल के प्रधानाचार्य डॉ. कमल कौशिक, वार्ड 22 की पार्षद अनीता गुर्जर की फर्जी मुहर बरामद हुई हैं। पुलिस इन तीनों से तहरीर प्राप्त होने का इंतजार कर रही है। जिसके आधार पर गैंग के खिलाफ और मुकदमे दर्ज होंगे। पुलिस के अनुसार अभी तक यही माना जा रहा है कि शातिरों ने इनकी मुहर फर्जीवाड़ा कर तैयार कराते हुए इस्तेमाल की हैं। अगर, तहरीर नहीं आती है तो इनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी।
गैंग के तीनों शातिरों को जेल भेज दिया है। इनके नेटवर्क की जांच की जा रही है। जैसे-जैसे नाम सामने आएंगे, उन्हें भी मुकदमे में नामजद किया जाएगा। वहीं, जिन लोगों की मुहर गैंग से बरामद हुई है, उक्त संबंधितों से भी तहरीर देने की अपील है।
- मार्तंड प्रताप सिंह, एसपी सिटी