मांट/ मथुरा। कोरोना के भय के कारण रोडवेज बस के चालक-परिचालक ने सोमवार शाम पथरी के दर्द से कराह रही युवती को एक्सप्रेस-वे पर बस से उतार दिया। बस से उतरने के बाद युवती ने तड़पते हुए पांच मिनट बाद ही दम तोड़ दिया। युवती दिल्ली से शिकोहाबाद जा रही थी। बीच रास्ते में उसे पथरी का दर्द हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवती का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पटपड़गंज दिल्ली निवासी हंसिका (19) पुत्री सुशील कुमार यादव सोमवार को अपनी मां सर्वेश के साथ नोएडा से अपने मूल निवास शिकोहाबाद के लिए रोडवेज बस में बैठी थी। उसका भाई विपिन पत्नी दीप्ति के साथ बस के पीछे बाइक से आ रहा था। मांट टोल के पास हंसिका के पेट में दर्द हुआ। वह दर्द से कराह उठी।
यह देखकर रोडवेज चालक-परिचालक ने उसे कोरोना संक्रमित समझा और मांट टोल से पहले ही उसे मां के साथ बस से उतार दिया। मां ने बस परिचालक को बहुत समझाया लेकिन परिचालक ने एक नहीं सुनी। बस से उतरते ही युवती दर्द से तड़पने लगी। उपचार के अभाव में कुछ ही देर में युवती ने दम तोड़ दिया। कुछ ही देर बाद बाइक से आ रहा उसका भाई विपिन वहां आ गया।
उसने मांट टोल कर्मियों को सूचना दी। टोल कर्मियों ने मांट पुलिस को बुलाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मांट थानाध्यक्ष निरीक्षक भीम सिंह जावला ने बताया कि युवती का पथरी का इलाज चल रहा था। दो दिन पहले वह बुलंदशहर से पथरी की दवा भी लेकर आई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।