मथुरा/फरह। फरह कस्बे में मंगलवार की देर रात एक ही परिवार के छह सदस्यों की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। 11 मई को कस्बा फरह के पैंठ बाजार इलाके की 50 वर्षीय महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसलिए परिवार के लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजकर सभी को वृंदावन के कृष्णा कुटीर सेंटर में क्वारंटीन किया गया। मंगलवार की रात आई रिपोर्ट में परिवार के 6 सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिले में अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 57 हो गई है।
कस्बा फरह निवासी एक ही परिवार के छह कोरोना पॉजिटिव लोगों की उम्र 12 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक है। इनमें 12 वर्ष की बच्ची, 15 वर्ष के लड़के के अलावा 24 वर्षीय युवक, 55 वर्षीय महिला के साथ 45 और 60 वर्ष के पुरुष शामिल हैं। एक ही परिवार के 6 लोगों की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद कस्बे में हड़कंप है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पैंठ बाजार को सील कर दिया है। घर-घर सर्वे का कार्य शुरू किया गया है। कई और लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
बुधवार की सुबह एसीएमओ दिलीप कुमार, मेडिकल प्रभारी आरबी सिंह, एसडीएम नागेंद्र कुमार सिंह ने सील क्षेत्र का निरीक्षण किया। ज्ञात हो कि फरह निवासी एक व्यक्ति की 8 मई को संदिग्ध बीमारी के चलते मौत हो गई थी। मृतक को सांस लेने में दिक्कत थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने मृतक की 50 वर्षीय पत्नी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। महिला के परिजनों को क्वारंटीन किया गया था, जिनमें से छह लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
जांच की प्रक्रिया धीमी
मथुरा। स्वास्थ्य विभाग ने 19 मई तक संदिग्ध लक्षण मिलने पर 2362 लोगों के ही सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं, जबकि अब तक 2090 लोगों के सैंपल निगेटिव आए हैं। अभी स्वास्थ्य विभाग को 202 लोगों के सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
घनी बस्ती में मिले 30 केस
मथुरा। शहर की सील की गई घनी आबादी में लगातार बढ़ रही संक्रमितों की संख्या स्वास्थ्य विभाग को हैरान करने वाली है। 57 कोरोना पॉजिटिव में से 30 केस इसी सील की गई घनी आबादी के हैं। सील किए गए क्षेत्र में मरीजों की संख्या बढ़ रही है आगे और बढ़ने की आशंका है। शहर के मंडी रामदास, भार्गव गली, लाल दरवाजा, चौक बाजार, मनोहरपुरा, भरतपुरगेट, चौबिया पाड़ा, नगला पायसा, सतघड़ा आदि ऐसे क्षेत्र की घनी बस्ती के साथ भरतपुरगेट, धौली प्याऊ, सौंख रोड, कठौती कुंआ आदि में मरीज मिलने से भी प्रशासन के माथे पर शिकन देखी जा सकती है।