मथुरा/चौमुहां। कोरोना मरीज को लेकर जाते समय बुधवार की शाम नेशनल हाईवे पर पीपीई किट पहना एंबुलेंस चालक बेहोश हो गया। जब तक चालक एंबुलेंस को ब्रेक लगाता गाड़ी सड़क किनारे गड्ढे में चली गई। एंबुलेंस चालक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पीपीई किट को जान के लिए खतरा बताते हुए जनपद के सभी एंबुलेंस चालकों ने बृहस्पतिवार से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। सीएमओ डॉ. संजीव यादव ने रात में ही डीएम को इसकी जानकारी दे दी है।
गर्मी के मौसम में लगातार कई-कई घंटे तक पीपीई किट पहनकर ड्यूटी दे रहे एंबुलेंस चालकों की तबियत खराब हो रही है। चालक समय से खाना भी नहीं खा पा रहे हैं। बुधवार को कोरोना संक्रमित मरीज को लेकर केडी मेडिकल कॉलेज जा रहा एंबुलेंस चालक नेशनल हाईवे पर चौमुहां के समीप बेहोश हो गया। बेहोशी छाने से पूर्व चालक ने चलती गाड़ी पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तक तक गाड़ी सड़क किनारे गड्ढे में चली गई। साथ चल रहे डॉक्टरों और पैरा मेडिकल टीम ने पानी डालकर चालक को होश में लाने का प्रयास किया। कुछ देर के बाद दूसरे चालक के माध्यम से मरीज को कोविड अस्पताल भेजा गया, जबकि चालक को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।
एंबुलेंस चालकों के बेहोश होने की दो दिन में यह दूसरी और दस दिन में चौथी घटना है।
जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष प्रभात यादव ने कहा कि अधिकारियों से बार-बार कहने के बाद भी घटिया पीपीई किट को नहीं बदला गया है। जनपद के 60 एंबुलेंस के 240 कर्मचारी बृहस्पतिवार से हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक चालकों को उच्च गुणवत्ता वाली पीपीई किट नहीं दी जाती तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
पीपीई किट लखनऊ से आई हैं इसलिए इस पर सवाल उठाना उचित नहीं है। कर्मचारियों की परेशानी का समाधान निकाला जाएगा। एंबुलेंस चालक हड़ताल पर नहीं हैं। बृहस्पतिवार को सुबह कर्मचारियों को बुलाकर वार्ता की जाएगी।
- सर्वज्ञराम मिश्र, डीएम