मथुरा। कोरोना संक्रमित मरीज रैंडम सैंपल परीक्षण में सामने आ रहे हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। सील और चिह्नित क्षेत्रों के बाहर रैंडम केस मिलना परेशानी का कारण बन सकता है। अब तक जनपद में दो केस रैंडम सैंपल के दौरान पाए गए हैं। दोनों का यात्रा इतिहास नहीं होने से संक्रमण कैसे फैला यह पहेली बन गया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों परिवारों के सदस्यों समेत कई लेागों के सैंपल लिए हैं। दोनों के परिजन क्वारंटीन कर दिए हैं।
हैरानी की बात है कि दोनों कोरोना संक्रमित मरीज अपने परिवार के साथ रह रहे थे। पहला केस 22 अप्रैल को बलदेव के गांव सेहत में निकला था। यहां रहने वाला ग्रामीण आगरा में सब्जी विक्रेता है। आए दिन आगरा आना जाना लगा रहता था। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सब्जी विक्रेता का रैंडम सैंपल लिया। दो दिन बाद आई रिपोर्ट में सब्जी विक्रेता कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद सब्जी विक्रेता के परिवार के साथ आसपास के लोगों के सैंपल लेकर क्वारंटीन किया।
स्वास्थ्य विभाग ने पूरे गांव में सर्वे कर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। वहीं बुधवार को गांव छटीकरा क्षेत्र निवासी 24 वर्षीय महिला का रैंडम सैंपल भी कोरोना पॉजिटिव निकला, इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी परेशान हैं। बताया जाता है कि महिला का यात्रा इतिहास नहीं होने से संक्रमण कैसे फैला यह पहेली बन गया है। बुधवार को महिला के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र की जांच शुरू कर दी है। 10 से अधिक लोगों के सैंपल लिए गए हैं।