धर्म और आस्था की भूमि मथुरा में कोरोना संक्रमण का खतरा तेजी के साथ बढ़ रहा है। यहां औसतन आठ मरीज प्रतिदिन नए सामने आ रहे हैं। इस दौरान जिंदगी की बाजी हारने वालों की संख्या भी तेजी के साथ बढ़ रही है। अनलॉक-वन के 30 दिन के दरम्यान स्वास्थ्य विभाग के बढ़ते आंकड़े जिला प्रशासन को ही नहीं प्रबुद्ध वर्ग को भी चिंतित कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
जनपद में कोरोना वायरस का संक्रमण के आंकड़ों पर गौर करें तो 25 मार्च से 31 मई तक रहे लॉकडाउन की अवधि में जनपद में कोरोना संक्रमण के 105 रोगी सामने आए थे। इन 68 दिनों के दौरान 4 लोगों की मृत्यु भी हुई। लेकिन लॉकडाउन के बाद विभिन्न छूट के साथ शुरू हुए अनलॉक वन में कोरोना संक्रमण ने तेज रफ्तार पकड़ ली है।
1 जून से 30 जून तक के आंकडे़े बताते हैं कि जनपद में कोरोना संक्रमण तेजी से खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है। अनलॉक वन में 3 जून को सात केस सामने आए। 11 जून को सर्वाधिक 30 पॉजिटिव केस मिले। इस तरह पूरे 30 दिन की रिपोर्ट पर नजर डालें तो औसतन प्रत्येक दिन नौ लोग संक्रमित हो रहे हैं।
इस 30 दिन की अवधि में 250 नए मरीज सामने आए, जो 68 दिन के लॉकडाउन से करीब ढाई गुना अधिक है। यही नहीं चिता का विषय इस दौरान मौत का ग्राफ बढ़ना भी है। अनलॉक वन में आठ संक्रमित लोगों की मौत भी हुई है, जो लॉकडाउन अवधि से दोगुना है।
मृतकों में 50 वर्ष से अधिक आयु के मरीज
लॉकडाउन की तुलना में अनलॉक वन में कोरोना संक्रमण की अधिक मौत हुई हैं। इनमें चार महिलाएं भी शामिल हैं। खास बात यह है कि मरने वाले में सभी 50 वर्ष से अधिक आयु के थे। 11 जून को सरस्वती कुंड क्षेत्र की 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद, 15 जून को राधाकुंड के गांव जुल्हेंदी निवासी वृद्ध महिला की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई।
इसके बाद 19 जून को राया में 59 वर्षीय वृद्ध की मृत्यु हो गई। इसके बाद 21 जून को शहर के होलीगेट निवासी नमकीन कारोबारी के साथ नौहझील निवासी 79 वृद्ध की मृत्यु हो गई। 25 जून को सदर के बाढ़पुरा में 80 वर्षीय महिला, 28 जून को चौक बाजार में 71 वर्षीय वृद्ध की संक्रमण से मृत्यु हो गई। वहीं 29 मई को सौंख निवासी 80 वर्षीय वृद्धा ने फरीदाबाद के अस्पताल में कोरोना से लड़ते हुए दम तोड़ दिया।
बचाव के लिए नियमों का पालन करें
जनपद की वर्तमान स्थितियां निरंतर चिंताजनक होती जा रहीं हैं। इस समय बेहद सावधानी की जरूरत है। इसके लिए आम लोगों को भी संक्रमण से बचने के लिए बचाव के नियमों का पालन करना होगा। डॉ. अशोक बंसल, सेवानिवृत्त शिक्षक
बचाव ही बीमारी का उपाय
कोरोना महामारी से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें। जितना हो सके घर में ही रहें तो बेहतर होगा। डॉ. पीयूष चौबे, मेडिकल अधिकारी, संयुक्त जिला अस्पताल, वृंदावन