आरोपी ने बताया कि भीख में मिले पैसों से उसका खर्च पूरा नहीं हो पाता है। इसलिए भिखारियों की हत्या कर उनके रुपये लूट लेता है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है।
भिक्षुक के सिर को ईंट से कुचलकर हत्या करने वाले को एडीजे/ अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ब्रिजेश कुमार द्वितीय ने बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। लाख प्रयास के बाद भी पुलिस मृतक की पहचान करने में सफल नहीं हुई।
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17 फरवरी 2021 को वृंदावन के हरि निकुंज चौराहे के पास गिरिराज कृपा अतिथि भवन के बेसमेंट की मार्केट में एक भिक्षुक का रक्तरंजित शव बरामद हुआ। तत्कालीन वृदावन गेट चौकी प्रभारी शैलेंद्र शर्मा ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की प्राथमिकी वृंदावन कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इधर, हत्या के खुलासे के लिए पुलिस ने मार्केट के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो वृंदावन के कालीदह निवासी अभय गिरी वारदात स्थल पर दिखाई दिया। पुलिस ने 21 फरवरी की रात को अभय गिरी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह भीख मांगकर अपना भरण पोषण करता है, लेकिन भीख में मिले पैसों से उसका खर्च पूरा नहीं हो पाता है। इसलिए भिखारियों की हत्या कर उनके रुपये लूट लेता है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया। अभियुक्त के अधिवक्ता ने उसे जमानत दिलाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन कोर्ट ने उसे जमानत नहीं दी। गिरफ्तार के बाद से ही वह जिला कारागार में बंद है।
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मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ब्रिजेश कुमार द्वितीय के यहां हुई। सुनवाई के दौरान अभय गिरी के अधिवक्ता ने उसे निर्दोष साबित करने का भरसक प्रयास किया, लेकिन एडीजीसी क्राइम की दलील, पुलिस रिपोर्ट, मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाह समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।