बांकेबिहारी मंदिर में हो रहा चबूतरे की मरम्मत का कार्य
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वृंदावन के विश्व विख्यात ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के चबूतरे की मरम्मत का काम दूसरे दिन भी जारी रहा। चूहों के बिल व भूमिगत नाली से पानी के रिसाव के कारण चबूतरा धंस गया था। मंदिर प्रबंध द्वारा कुशल विशेषज्ञों की देखरेख और मार्गदर्शन में चबूतरे की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो चबूतरे का नवनिर्माण भी कराया जाएगा। यह फैसला मंदिर प्रबंधन अधिकारियों के दिशानिर्देश के बाद ही लेगा, इसके लिए आईआईटी के इंजीनियरों की मदद भी ली जाएगी।
दो दिन पूर्व ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के गेट नंबर एक के पास चबूतरे के कुछ पत्थर धंस गए थे। मंदिर के प्रबंधन के कर्मचारियों ने चबूतरे के पत्थरों को हटवाकर देखा तो जमीन में दो फुट गहरे गड्ढे थे। इसके बाद प्रबंधन ने फर्श की मरम्मत का कार्य शुरू कराया। शुक्रवार को पत्थर के फर्श को हटाकर कार्य शुरू हुआ। वर्तमान में फर्श के नीचे लाल पत्थर का एक और फर्श निकला है। यह फर्श बहुत मजबूत स्थिति में बताया जा रहा है।
मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि चूहों के बिल बनाए जाने के कारण मंदिर के चौक से बाहर की ओर आने वाली भूमिगत पत्थर की नाली अवरुद्ध हो गई थी। इस कारण मंदिर की धुलाई और बारिश का पानी रिसता चला गया और जगह-जगह दरारें आ गईं और मिट्टी बैठ गई। विशेषज्ञ संजीव बजाज के मार्गदर्शन में नई नाली का निर्माण कराकर फर्श का निर्माण कराया जा रहा है। इसके बाद भी कोई कमी रहती है तो आईआईटी के सिविल इंजीनियरों की मदद ली जाएगी।