भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अनुसार, इस प्रोजेक्ट पर करीब 16 लाख रुपये की लागत आएगी। यह पूरा कार्य एएसआई के विशेषज्ञ रसायनविदों की निगरानी में किया जाएगा, ताकि मंदिर की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत को बिना नुकसान पहुंचाए स्वच्छ किया जा सके।
यह है मंदिर का इतिहास
मदन मोहन मंदिर वृंदावन के सबसे प्राचीन और पूजनीय मंदिरों में से एक है। इसका निर्माण संवत 1647 में हुआ था और इसका संबंध चैतन्य महाप्रभु की परंपरा से है। कहा जाता है कि उनके शिष्यों द्वारा इस मंदिर में ठाकुर मदन मोहन जी की प्रतिष्ठा की गई थी। यह मंदिर यमुना नदी के तट पर स्थित है और श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है।