मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के चल रहे ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ आंदोलन के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब कांग्रेस के ही दो कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। एक कार्यकर्ता पर दूसरे कार्यकर्ता की पत्नी के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है। विरोध करने पर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस दौरान लात-घूंसे चलने के साथ चप्पलें भी चलीं। मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
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जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल मार्च निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। यहां प्रदर्शन के दौरान अचानक एक कार्यकर्ता द्वारा पार्टी के जिला सचिव की पत्नी को कथित तौर पर जातिसूचक शब्द कहे जाने का आरोप लगा। जिला सचिव ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
बताया गया कि पति को पिटता देख उसकी पत्नी भी मौके पर पहुंच गई और आरोपी कार्यकर्ता पर चप्पलों से हमला कर दिया। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने किसी तरह दोनों पक्षों को अलग कराकर मामला शांत कराया। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आपस में ही भिड़ने की घटना पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।