मथुरा। आचार संहिता से मात्र तीन दिन बाद ही कांग्रेस ने सूची जारी कर विपक्षी दलों को पीछे छोड़ दिया है। उससे भी बड़ा काम कांग्रेस ने धर्म की नगरी में एक दफा फिर से जातिगत आंकड़ों को दरकिनार कर दिया है। कायस्थ मतदाताओं की बड़ी संख्या न होने के बाद भी पूर्व सीएलपी लीडर रह चुके प्रदीप माथुर को मथुरा विधानसभा क्षेत्र, बलदेव में वाल्मीकि समाज से विनेश सनवाल व गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र से दीपक चौधरी को टिकट दिया है।
मथुरा विधानसभा क्षेत्र में वोटरों की संख्या लगभग ४ लाख २६ हजार है, जिसमें से सर्वाधिक सवा लाख के करीब ब्राह्मण और लगभग एक लाख वैश्य मतदाता हैं। कायस्थ वोटों की संख्या चार से पांच हजार है। पिछले विधानसभा चुनाव में प्रदीप माथुर को ४२ हजार २०० वोट ही मिल सके थे। जबकि भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने १ लाख ४३ हजार ३६१ मत हासिल किए थे।
बलदेव विधानसभा क्षेत्र में चार लाख वोटरों में से एक लाख वोटर जाट हैं और वाल्मीकि मतों की संख्या मात्र ३५ हजार है। सनवाल पिछली दफा पार्टी से घोषित प्रत्याशी रहे थे, नामांकन भी किया लेकिन सपा से समझौते के कारण पार्टी ने उन्हेें बैठा दिया था। गोवर्धन विधानसभा से दीपक ने राजनीति की शुरूआत रालोद से की लेकिन समाजवादी पार्टी के बाद उन्होंने भाग्य आजमाने के लिए कांग्रेस का दामन थामा है। इससे पूर्व वह एक दफा निर्दलीय के रूप मेें विधानसभा के प्रत्याशी भी रह चुके हैं।
मांट और छाता विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कर सकती है महिला प्रत्याशियों की घोषणा
पार्टी द्वारा छाता और मांट विधानसभा क्षेत्र सीट पर महिला प्रत्याशियों के लिए विचार मंथन किया जा रहा है। हालांकि इन सीटों पर टिकट चाहने वाले प्रत्याशियों भी लंबी लाइन है। सूत्रों के अनुसार हाईकमान द्वारा चुनावी घोषणापत्र में ४० प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी की घोषणा के चलते इन सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई है। जिलाध्यक्ष चौधरी भगवान सिंह वर्मा ने बताया कि पार्टी द्वारा छाता और मांट से टिकट की जल्द ही घोषणा की जाएगी।