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टैंटीगांव में बैंक पर लगाया ताला, नहीं घुसने दिया स्टाफ

Sat, 10 Dec 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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संघर्ष
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बैंकों से कैश न मिलने से लोगों में गुस्सा भड़क रहा है। शुक्रवार को टैंटीगांव में भारतीय स्टेट बैंक पर लोगों ने ताला लगा दिया। जब स्टाफ पहुंचा तो उन्हें भी भीतर नहीं घुसने दिया था। काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में नौहझील मार्ग को जाम कर दिया गया। इधर गोवर्धन में स्टेट बैंक शाखा से कैश न मिलने पर लोगों ने डीग-गोवर्धन रोड पर जाम लगा दिया।
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टैंटीगांव की भारतीय स्टेट बैंक शाखा पर सुबह आठ बजे से ही लोगों की भीड़ लग गई थी। एक साथ तीन लाइनें लगी थीं। सुबह को दस बजे बैंक वालों ने नो कैश का बोर्ड लगा दिया। इससे भीड़ का पारा चढ़ गया। बैंक पर ताला लगा दिया गया। जब स्टाफ पहुंचा तो किसी को भीतर नहीं जाने दिया। बैंक प्रबंधक ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। 

मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया। बैंक का ताला खुलवाया गया। तीन घंटे तक बैंक पर ताला लगा रहा। स्टाफ के तीन लोग बैंक में ही बंद रहे। इसके बाद गुस्साए ग्रामीणों ने राया-नौहझील मार्ग पर जाम लगा दिया था। काफी देर तक हंगामा किया। 
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वहीं मथुरा के सिविल लाइंस इलाके में स्थित स्टेट बैंक पर भी लोगों के हंगामा किया। यहां भी कैश नहीं मिल पा रहा है। होलीगेट के पास स्थित सिंडीकेट बैंक में कंप्यूटर खराब हो जाने के कारण लेनदेन एक घंटे तक प्रभावित रहा।

इधर गोवर्धन में स्टेट बैंक शाखा से कैश न मिलने पर लोगों ने डीग-गोवर्धन रोड पर जाम लगा दिया। लोगों का आरोप था कि शाखा पर चार दिन से कैश न होने का बहाना बना कर टरकाया जा रहा है। बैंक प्रबंधक ने बाहर आकर लोगों को कैश आने पर भुगतान करने का आश्वासन दिए जाने पर ही लोगों ने जाम खोला। 

दूसरे ओर सौंख में सिंडिकेट बैंक में शुक्रवार को कैश वितरित हुआ। फरह स्थित एटीएम में रुपये न होने से उनके शटर नहीं खुले। 


जाम लगाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट
टैंटीगांव स्थित भारतीय स्टेट बैंक में पैसे न मिलने पर जाम लगाने के मामले में सुरीर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसआई अनिल कुमार की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में महिला विमलेश पत्नी देशराज निवासी हरनौल, देशराज हरनौल, पवन कुमार निवासी भदनवारा सहित 25 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, जनता को भड़काने और सड़क जाम करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 

आरबीआई से मिला 100 करोड़, फिर भी देने में आनाकानी
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से करीब 100 करोड़ की धनराशि मिलने के बाद भी जिला अग्रणी बैंक धनराशि देने में आनाकानी कर रहा था। इस पर भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन ने जिला प्रशासन से शिकायत की। तब कहीं जाकर एसबीआई को 65 करोड़ की धनराशि दी गई।

दो दिन पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जिला अग्रणी बैंक सिंडीकेट बैंक को करीब सौ करोड़ की धनराशि दी। इस धनराशि को भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं को देने के लिए भी दिशा-निर्देश थे। इस पर भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन ने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधनसे धनराशि की डिमांड की।

लेकिन जिला अग्रणी बैंक प्रबंधन हीलाहवाली करने लगा। इस पर भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा के प्रबंधक नवल किशोर अग्रवाल ने जिला प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया। जिले में कैश की किल्लत से मच रहे हल्ले के चलते प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।

इसके बाद जिला अग्रणी बैंक प्रबंधन ने एसबीआई की छह शाखाओं को 65 करोड़ की धनराशि दी। शेष धनराशि से अपनी 52 शाखाओं में धन का वितरण कराया। ये रिपोर्ट एलडीएम एके प्रसाद ने शुक्रवार को जिलाधिकारी नितिन बंसल को दी है।
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बैंक में जमा 2300 करोड़
जिले की 280 शाखाओं में अब तक 2300 करोड़ की धनराशि जमा हो चुकी है। शुक्रवार को बैंक में करीब 45 करोड़ की धनराशि जमा की गई है।
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