चैक वितरीत करते केबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण व अन्य।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग झूठी राजनीति और भ्रांतियां फैलाने का काम कर रहे हैं। वह यह अफवाह फैला रहे हैं कि बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा केवल जाट समुदाय को मिल रहा है जबकि सत्य यह है कि सरकार के लिए सभी किसान बराबर हैं। मुआवजे का आधार जाति नहीं बल्कि फसल का नुकसान है।
तहसील सभागार में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कई गांवों से आए किसानों को राहत राशि के चेक बांटे। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिले को प्रदेश में सबसे ज्यादा राहत राशि आवंटित की गई है। उन्होंने बताया कि यह मुआवजे की पहली किस्त है, जो सीधे किसानों के खातों में भेजी जा रही है। आने वाले समय में अन्य किस्तों का भुगतान भी किया जाएगा ताकि किसान अपनी दैनिक जरूरतों को बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरा कर सकें।
चौधरी लक्ष्मी नारायण ने सर्वे के लिए छाता तहसील प्रशासन की पीठ थपथपाई। चेतावनी दी कि यदि कोई लेखपाल या बिचौलिया किसान से सुविधा शुल्क की मांग करता है, तो उसकी शिकायत उपजिलाधिकारी या उनसे करें। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी, एसडीएम छाता वैभव गुप्ता, तहसीलदार सचिन पवार आदि उपस्थित रहे।
गेहूं खरीद न करने का आरोप
किसानों ने क्षेत्र के एक सरकारी खरीद केंद्र पर सर्वर डाउन होने का बहाना बनाकर गेहूं की खरीद न करने का आरोप लगाया है। वहीं उनका यह भी आरोप है कि केंद्र पर राशन और बाहर के किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा है। शेरगढ़ के गांव रान्हेरा के किसान जग्गी मास्टर, रिंकू सिंह छौंकर, भूदेव सिंह, जगदीश शर्मा, भगत सिंह, भगवान सिंह व थान सिंह का कहना है कि सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर गांव के किसान का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा हैं। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है l चेतावनी दी कि यदि गेहूं खरीद नहीं की गई तो एसडीएम कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।