कमिश्नर ने किया वृंदावन में विकास कार्यों का निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट यमुना फ्रंट विकास योजना और वृंदावन में चल रहीं विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति जानने के लिए कमिश्नर चंद्रकांत ने सोमवार को स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने प्रोजेक्ट में हो रही देरी पर सिंचाई विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है।
सोमवार की दोपहर कमिश्नर ने सबसे पहले छटीकरा से सौ फुटा तक बन रहे साइकिल ट्रैक का निरीक्षण किया। इसके बाद वृंदावन-पानी गांव रोड पर बन रहे आडीटोरियम के निर्माण कार्य को देखा। यहां से वो केशीघाट पर रिवर फ्रंट विकास योजना की प्रगति जानने पहुंचे।
यहां पिछले काफी समय से कार्य बंद पड़ा है। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। सिंचाई विभाग के जेई शैेलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पानी उतरने के बाद कार्य में तेजी आएगी, लेकिन कमिश्नर इससे संतुष्ट नहीं हुए और सिंचाई विभाग के जेई से स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट का मजाक बनाकर रख दिया है। उन्होंने विप्रा के अधिकारियों को भी कार्य में ढिलाई पर रिपोर्ट देेने के आदेश दिए।
कमिश्नर ने बताया कि योजना के प्रथम चरण में यमुना किनारे विभिन्न विकास कार्य होंगे, द्वितीय चरण में केशी घाट सहित अन्य घाटों का सुंदरीकरण होगा। कार्य समय सीमा में पूरे हाेंगे। वृंदावन-पानीगांव एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।
इस अवसर पर सिटी मजिस्ट्रेट राम अरज यादव, विप्रा उपाध्यक्ष सीपी सिंह, सचिव विजय कुमार, नगर पालिका के ईओ टीएन चौबे उपस्थित रहे।
गंदगी पर बरसे कमिश्नर
कमिश्नर चंद्रकांत नगर में गंदगी पर क्षुब्ध दिखे। उन्होंने नगर पालिका के ईओ टीएन चौबे को लताड़ लगाई। उन्होंने ईओ से पूछा कि परिक्रमा मार्ग से लेकर सड़कों पर इतनी गंदगी है, क्या सफाई नहीं होती शहर में। ईओ ने दो दिन का समय मांगते हुए सफाई कार्य में तेजी लाने की बात कही।