ठंड इतनी प्रचंड हुई कि सारे रिकार्ड ही खंड-खंड हो गए। फरह में यमुना के किनारे एक डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया। दिनभर कंपकंपी छूटती रही। दोपहर को धूप निकली लेकिन राहत नहीं मिल पाई। जनजीवन तो बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है।
बुधवार की रात से ही ठंड का प्रकोप शुरू हो गया था। आलम ये रहा कि पाला भी बर्फ की तरह से जम रहा था। बाहर निकलते ही कंपकंपी छूटने लगती थी। गुरुवार को भी यही स्थिति रही। शहर में न्यूनतम तापमान तो चार डिग्री सेल्सियस रहा लेकिन फरह में केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मकदूम में जो तापमान लिया गया है वो एक डिग्री सेल्सियस है।
यमुना के किनारे वाले जितने भी इलाके रहे वह ठंड के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुए। आज जो तापमान लिया गया है वह अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ चुका है। मौसम के जानकारों का मानना है कि अभी ठंड और रंग दिखाएगी।
वर्ष तापमान मिनिमम
2010 6 डिग्री सेल्सियस
2011 5 डिग्री सेल्सियस
2012 4 डिग्री सेल्सियम
2013 7 डिग्री
2014 4 डिग्री
2015 5 डिग्री
2016 5 डिग्री