हर-हर बम-बम की गूंज के बीच डम-डम डमरू बजने लगे। भगवान के विग्रह के साथ काशी की टोली रुद्रकुंड की परिक्रमा करने को तैयार थी लेकिन सूबे के मुखिया के आगमन में देरी के कारण भगवान के विग्रह के साथ परिक्रमा अभी न करने की घोषणा कर दी गई। रुद्रकुंड में महादेव को कुछ देर इंतजार करना पड़ा और सीएम अखिलेश के आने के बाद परिक्रमा हुई।
जतीपुरा में रुद्रकुंड के लोकार्पण अवसर पर एक दिन पहले भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली पहुंचे काशीविश्वनाथ के सचल श्रीविग्रह सीएम का इंतजार करते रहे। इसके बाद जब सीएम आए तो हालात भीड़ से अव्यवस्थित होने लगे। सीएम आगे आगे और श्रीविग्रह पीछे-पीछे चल रहे थे।
द ब्रज फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित रुद्रकुंड के लोकार्पण के लिए यह श्रीविग्रह बुधवार को सुबह 11:25 बजे रुद्रकुंड पहुंच गया। लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने निर्धारित समय पर आयोजन में पहुंचने में लेट हो गए। ऐसी स्थिति में काशी विश्वनाथ के इस सचल श्रीविग्रह को भक्तों के काफिले के साथ सीएम के इंतजार में रुद्रकुंड में रोक दिया गया। करीब 12 मिनट तक श्रीविग्रह को रोका गया। इसके बाद काशी से आए भक्तों के साथ विग्रह की रुद्रकुंड की परिक्रमा कराई।
ऐसे में मुख्यमंत्री का इंतजार कर रहे आगुंतक भी श्रीविग्रह के दर्शन को उमड़ पडे़। 11.56 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रुद्रकुंड पहुंचकर लोकार्पण और श्रीविग्रह की पूजा की। फिर मुख्यमंत्री रुद्रकुंड की परिक्रमा करने लगे तो श्रीविग्रह एक बार फिर अलग-थलग हो गया। ऐसे में मुख्यमंत्री का काफिला रुद्रकुंड में आयोजकों के साथ आगे बढ़ गया तो पीछे श्रीविग्रह बगैर भक्तों के एक बार फिर रुद्रकुंड की परिक्रमा करते नजर आए।