ढाई साल तक रामवृक्ष के कब्जे में रहने वाले जवाहर बाग के हालात जानने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। सर्वेक्षण करने के बाद ही उनका हेलीकाप्टर पुलिस लाइन में उतरा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा भी कि इस बाग को और बेहतर करने की जरूरत है। इसे सजाया संवारा जाए। यह मथुरा के लिए बड़ी उपलब्धि है। पूरी अच्छी ग्रीन बेल्ट है। मुख्यमंत्री ने बाग में लगे पेड़ों के बारे में भी पूछा। अधिकारियों ने जवाहर बाग को संवारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी उनको दी।
जवाहर बाग पर ढाई साल तक रामवृक्ष और उसके साथियों का कब्जा रहा। इस दौरान पूरा बाग ही उजाड़ दिया गया। पेड़ों को काटकर ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया गया। जगह-जगह रास्ते भी तोड़ दिए गए। अब बाग को फिर से पुराने स्वरूप में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जवाहर बाग प्रकरण की समीक्षा
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस लाइन में कुछ समय के दौरान ही जवाहर बाग प्रकरण की पूरी समीक्षा की। उन्होंने पुलिस लाइन में मौजूद डीआईजी, एसएसपी और दूसरे पुलिस अधिकारियों से जवाहर बाग हिंसा के बारे में पहले पूरी जानकारी ली।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले में जो भी फरार चल रहे हैं उनकी तत्काल गिरफ्तारी कराई जाए। कहा, रामवृक्ष के साथियों को जल्द पकड़कर जेल में डालिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटने के लिए कहा।
प्रकरण में पश्चिम बंगाल निवासी चंदनबोस, राकेश गुप्ता निवासी बदायूं और वीरेश यादव फरार चले आ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इनके बारे में लोकेशन मिल रही है जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कई जगह पुलिस टीम छापामारी कर रही हैं।