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UP: रोज मरने से अच्छा है एक दिन मर जाऊं...पहले खाईं कीटनाशक गोलियां, फिर ट्रेन के आगे कूदा लिपिक; इसलिए दी जान

Tue, 20 May 2025 12:06 AM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में दर्दनाक घटना सामने आई। कर्मचारी चयन आयोग में लिपिक के पद पर तैनात युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। वह बीमारी के चलते परेशान थे। 
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death demo - फोटो : iStock
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विस्तार
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मथुरा के कर्मचारी चयन आयोग के लिपिक ने सचखंड एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। वह काफी समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। इसी के कारण लिपिक ने सोमवार को अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। लिपिक की स्कूटी स्टेशन के बाहर खड़ी मिली, जिसमें से 3 पेज का सुसाइड नोट मिला। साथ ही कीटनाशक की खाली डिब्बी मिली। जीआरपी ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा।
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जीआरपी को सोमवार की सुबह सूचना मिली कि फरह के दीनदयाल धाम रेलवे स्टेशन पर सचखंड एक्सप्रेस के सामने कूदकर 26 वर्षीय युवक ने जान दे दी है। जीआरपी थाने के उप निरीक्षक अमित वालियान मौके पर पहुंचे। तलाशी में युवक के पास से 3 पेज का सुसाइड नोट मिला। इसके आधार पर उसकी पहचान ग्राम पोखर अछनेरा निवासी प्रमोद के रूप में हुई। उप निरीक्षक ने बताया कि प्रमोद कर्मचारी चयन आयोग में लिपिक के पद पर तैनात थे। वह घर से स्कूटी लेकर ड्यूटी के लिए निकले थे। स्कूटी उन्होंने स्टेशन पर खड़ी की।
 
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सुसाइड नोट में लिखा था कि दिव्यांग होने से उन्हें शर्म महसूस होती थी। रोज मरने से अच्छा है कि एक दिन में मर जाऊं। जीआरपी ने बताया कि प्रमोद हाईवे प्लाजा के निकट स्थित कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात थे। स्कूटी की डिग्गी से कीटनाशक गोलियों की एक खाली डिब्बी भी मिली है। इससे अनुमान है कि उन्होंने पहले कीटनाशक गोलियां खाईं और फिर ट्रेन के आगे छलांग लगा दी।
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