यमुना की मुक्ति को लेकर भक्तों के वाहनों के काफिले ने बदरपुर बार्डर क्रास किया तो वाहनों की कतार देख पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। जाम की बात कहकर काफिले को रोकने का प्रयास किया गया। यमुना मुक्ति को अडिग यात्री सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस पर पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया। भक्तों के बढ़ते दबाव के चलते पुलिस को देर रात यमुना भक्तों को छोड़ना पड़ा।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संरक्षक गोकुल के पंकज बाबा ने बताया कि यमुना मुक्ति के लिए बुधवार को सुबह गोकुल से रवाना हुआ वाहनों का काफिला बदरपुर बार्डर पहुंचा तो वाहनों की संख्या दो सौ के पार हो गई थी। भक्तों में यमुना की मुक्ति को लेकर जोश था।
इसी बीच बार्डर पार करने के बाद दिल्ली पुलिस ने वाहनों को रोकने का प्रयास किया। इस बीच पुलिस ने यमुना भक्तों पर हल्की लाठियां भांजी। इसके विरोध में यमुना भक्त वहीं सड़क पर बैठकर शांति से कीर्तन करने लगे। बौखलाई पुलिस ने यमुना भक्त मानमंदिर बरसाना के तकनीकी सलाहकार नीतेश राधाप्रिय, मथुरा के महोली रोड निवासी कुलदीप सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके चलते यमुना भक्तों ने धरना शुरू कर दिया। लगभग डेढ़ घंटे यमुना भक्त सड़क पर ही रहे।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के सुनील सिंह ने बताया कि भक्तों के दबाव के बाद देर रात पुलिस के अफसरों के साथ वार्ता हुई। पुलिस ने यमुना भक्तों को छोड़ दिया। देर रात वाहनों का काफिला यमुना एक्सप्रेस वे से मथुरा के लिये रवाना हो गया।