पुलिस की थर्ड डिग्री से युवक की मौत से गुस्साए ग्रामीणों और परिवारीजनों ने गोवर्धन थाने को कब्जा लिया और तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं भीड़ ने एसओ और सीओ सदर के साथ मारपीट भी की। जवाब में पुलिस ने हवाई फायरिंग कर खुद को बचाया। गोवर्धन पुलिस ने चार दिन पूर्व चोरी के शक में एक युवक को उठाया था। बुधवार को घर पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि पुलिस थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया इसीलिए उसकी मौत हुई। भीड़ में इतना आक्रोश था कि पुलिसकर्मी थाना छोड़ कर भाग गए। लोगों ने भी इधर-उधर भाग कर जान बचाई। यह थाना परिक्रमा मार्ग के पास है इसलिए बवाल का असर परिक्रमा पर भी पड़ा।
मरने वाला 22 वर्षीय महेन्द्र अडींग निवासा था। उसके पिता का नाम बुद्धा उर्फ भगवान सिंह है। थाने से छूटने के करीब एक घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। मौत से गुस्साए परिवारीजन और ग्रामीण पहले तो शव लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलने के लिए जा रहे थे। लेकिन फिर भीड़ शव लेकर गोवर्धन थाने की ओर मुड़ गई। देर शाम थाने पहुंचते ही भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। मौके पर मिले थानाध्यक्ष सूर्यभान सिंह यादव और सीओ सदर संजय सिंह के साथ मारपीट की। थाने में खड़ी पुलिस की गाड़ी समेत आठ-दस गाड़ियों में तोड़फोड़ की।
थाने पर तोड़फोड़, पथराव और फायरिंग से घबराए कस्बा के दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। एकादशी पर परिक्रमा लगा रहे श्रद्धालु भी अपनी जान बचाने को इधर-उधर भागने लगे। जिसको जहां जगह मिली, वह वहीं घुस गया। कुछ लोगों ने दुकानों के अंदर घुसकर अपनी जान बचाई। करीब एक घंटे तक चले बवाल के बाद एसपी सिटी शैलेश पांडेय भारी फोर्स और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी राजेश कुमार भी स्थिति को संभालने के लिए गए। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने जाकर थाने पर मौजूद भीड़ से थाना खाली कराया। इसके बाद करीब नौ बजे सभी ग्रामीण अडींग पहुुंच गए और वहां मथुरा-गोवर्धन रोड जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अडींग के लिए रवाना हो गए। एसएसपी राकेश सिंह ने बताया कि थानाध्यक्ष सूर्यभान सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है और मजिस्ट्रेटी जांच बिठा दी गई है।
होमगार्ड को चोट आई है। पुलिस की गाड़ी समेत अन्य गाड़ियों को तोड़ दिया गया है। फिलहाल राउंड लिया जा रहा है। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- राजेश कुमार, जिलाधिकारी