सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार ने दबंगई की पराकाष्ठा पार कर दी। मामूली बात पर मंगलवार दोपहर पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड कार्यालय में घुसकर लिपिक की पिटाई कर दी। यहीं नहीं कक्ष में कुर्सी पर बैठे लिपिक का जबरन गिरेबान पकड़कर पीटते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में ले गए। यहां करीब दो घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा किया। अधिकारियों व कर्मचारियों की भीड़ लग गई। मौके पर पहुंची सदर बाजार थाने की पुलिस ने मामला रफा-दफा किया। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
दरअसल, कचहरी में चौ. चरण सिंह की प्रतिमा के सामने कलेक्ट्रेट परिसर जाने का रास्ता है। कलेक्ट्रेट परिसर में पीडब्ल्यूडी, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय, खाद्य सुरक्षा विभाग, खनन विभाग समेत कई कार्यालय हैं। परिसर के मुख्य गेट पर दिन में करीब तीन से चार सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। पीडब्ल्यूडी में कार्यरत प्रधान सहायक गोपाल प्रसाद दोपहर डेढ़ बजे कहीं से आ रहे थे। इस दौरान गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।
सुरक्षाकर्मी सुखबीर सिंह ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट ने अंदर वाहन ले जाने के लिए मना किया है। इसी बात पर सुरक्षाकर्मी व लिपिक गोपाल प्रसाद में कहासुनी हो गई। गोपाल प्रसाद अपनी बाइक लेकर पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंच गए। इसके बाद सुरक्षाकर्मी सुखबीर सिंह ने इस बात की जानकारी सिटी मजिस्ट्रेट को दी। इतनी बात पर सिटी मजिस्ट्रेट आगबबूला हो गए और अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंच गए।
लिपिक का आरोप है कि इस दौरान कक्ष में घुसकर सिटी मजिस्ट्रेट ने उनकी पिटाई कर दी। गिरेवान पकड़कर सुरक्षाकर्मी कक्ष से बाहर खींच ले गए। फिर सिटी मजिस्ट्रेट और सुरक्षाकर्मियों ने जमकर पिटाई की। यहीं नहीं लिपिक का जबरन गिरेवान पकड़कर कलेक्ट्रेट परिसर में खींचते हुए ले गए। देखते ही देखते अधिकारियों व कर्मचारियों की भीड़ जुट गई। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट खुद ही मामले को सुलझाने में जुट गए। हालांकि प्रयास विफल रहा। सूचना पर पहुंचे सदर बाजार थाना प्रभारी विदेश कुमार ने मामला शांत कराया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने सफाई देते हुए कहा है कि गेट पर सुरक्षाकर्मी सुखबीर सिंह के साथ लिपिक ने अभद्रता की है। इसलिए वह पीडब्ल्यूडी कार्यालय गए थे। मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी। सुरक्षाकर्मी ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया है।
सीएम योगी से करेंगे शिकायत : लिपिक
लिपिक गोपाल प्रसाद का कहना है कि है कि लोक निर्माण विभाग कार्यालय में वाहन खड़े करने के लिए पार्किंग बनी है। फिर भी सिटी मजिस्ट्रेट कलेक्ट्रेट परिसर में वाहन लाने का विरोध करते हैं। सिटी मजिस्ट्रेट को मौखिक रूप से कई बार पीडब्ल्यूडी में पार्किंग होने की जानकारी दी गई है। बावजूद इसके वह मानने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को इसी बात को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट ने उनके साथ मारपीट और अभद्रता की। वह इस मामले की सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत करेंगे। उनके पास घटना की सीसीटीवी वीडियो व फोटो मौजूद हैं।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व कर्मचारियों ने तालाबंदी कर किया प्रदर्शन
घटना के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व कर्मचारी आक्रोशित हैं। उन्होंने घटना के बाद कामकाज ठप करके कार्यालय पर ताला लटका दिया। इसके बाद गेट पर खड़े होकर सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट ने कार्यालय में घुसकर लिपिक को पीटा है। एक पीसीएस अधिकारी की यह तानाशाही है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर जिलाधिकारी से सिटी मजिस्ट्रेट को हटाने की मांग की है। एई संजय यादव, जेई प्रदीप कुमार, गोपाल, पंकज शर्मा, नंदू खां, नवनीत पाल, अजय कुमार, किशोर उपाध्याय समेत 25 अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो-वीडियो बना रहे पत्रकारों के मोबाइल फोन छीने
घटना के फोटो व वीडियो बनाने पर बौखलाए सिटी मजिस्ट्रेट ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय में मौजूद पत्रकारों के जबरन मोबाइल फोन छीन लिए। विरोध करने पर अभद्रता करके पद का रुतबा दिखाने लगे। पत्रकारों को दो घंटे तक सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में नजरबंद करके रखा। इसके बाद मोबाइल से फोटो-वीडियो डिलीट करा के वापस किए।
जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। जानकारी जुटाकर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी अजय सिंह ने बताया कि घटना के दौरान आगरा में मंडलीय बैठक में थे। विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद आगे की दिशा तय होगी।