विश्व में प्रेम व सद्भावना का संदेश देने वाले प्रभु यीशु का देर रात जन्म हो गया। सुबह माता मरियम को इसकी जानकारी हुई तो आसपास के इलाके में उल्लास छा गया। यीशु के जन्म पर घर घर में खुशियां बांटी गईं। जन्म के बाद देर रात तक चर्च में वॉच नाइट कार्यक्रम चला।
क्रिसमस को लेकर शनिवार को सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च, कैथोलिक चर्च, चर्च ऑफ नॉर्दन इंडिया, सेक्रेड हार्ट चर्च व अन्य चर्च में विशेष सजावट की गई। क्रिसमस ट्री सजाए और गुब्बारों से चर्च व मकानों को भव्यता प्रदान की। झालर व तेज रोशनी से चर्च नहा गए। देर रात तक ईसाई समाज के लोगों ने कैंप फायर किया। मिड नाइट सर्विस का आयोजन किया। इसमें प्रभु यीशु के अवतरण को लेकर प्रार्थना, कैरल, आराधना प्रस्तुत की गईं। देर रात 12 बजे प्रभु यीशु ने जन्म लिया। सुबह इसकी जानकारी मां मरियम ने आसपास के लोगों को दी तो सुबह से ही लोगों ने एक दूसरे को क्रिसमस की बधाईयां दीं।
दूरदराज से अपने घर आए लोग
क्रिसमस पर दूरदराज नौकरी व अन्य कारोबार करने वाले लोग देर रात तक अपने घर आ गए। घर आते ही लोग पहले चर्च गए और प्रार्थना में शामिल हुए। इनमें नोएडा से तान्या चंद्र तनवी चंद्र, दिल्ली से अनूप, झांसी से उदित विलियम व अन्य लोग अपने घर क्रिसमस मनाने पहुंचे। चर्च, घरों में शांति, सुकून व संपन्नता का संवाहक माने जाने वाले क्रिसमस ट्री की विशेष सजावट की गई।
घर-घर में सुनाए गए यीशु जन्म के संदेश
क्रिसमस से पहले ईसाई परिवारों में यीशु जन्म के संदेश सुनाए गए। शनिवार को स्कूलों में भी कार्यक्रम हुए। चर्चों में खासतौर पर गोशाला की झांकी सजाई गई। सेंटा क्लॉज की झांकी सजाकर समाज के लोग घर-घर गए। कैरल गाकर शुभकामनाएं दी। शनिवार को किडजी प्ले स्कूल और इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में बच्चे सेंटा क्लाज के रूप में सजे दिखे। रंगारंग कार्यक्रम पेश कर सभी को मोह लिया। बच्चों ने एक दूसरे का उपहार वितरित किए। प्रधानाचार्य चंचल मित्तल, मोनिका, अनुपमा, करुणा आदि का सहयोग रहा। एसपीएस इंटरनेशनल अकादमी में क्रिसमस ट्री सजाकर उन पर उपहार लगाए। सेंटा क्लोज ने बच्चों को उपहार वितरित किए। प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने कहा कि समाज को पाप और मृत्यु बंधन से बचाने के लिए ईश्वर ने ईसा मसीह को मानव के रुप में धरती पर भेजा। निर्धन चरवाहों ने ईसा मसीह के दर्शन किए।