जवाहर बाग हिंसा में पुलिस ने 85 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। हिंसा में 104 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, जिनमें से रामवृक्ष यादव, झिनकु चौहान और रामभरोसे की मौत हो चुकी है। इस आधार पर 101 लोगों को एसपी सिटी और एसओ की हत्या का मुल्जिम माना गया है। जबकि एक किशोर के खिलाफ चार्जशीट किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल की गई है।
रामवृक्ष यादव ने मार्च, 2014 से जवाहर बाग पर कब्जा कर रखा था। पुलिस और प्रशासन ने बाग को खाली कराने के प्रयास किए। भीड़ हर बार पुलिस पर हमला कर देती थी। दो जून को जब पुलिस जवाहर बाग खाली कराने पहुंची तब भी भीड़ ने हमला कर दिया था। हिंसा में दो पुलिस अधिकारियों समेत 29 लोगों की मौत हुई। मामले की पुलिस जांच के लिए एक टीम गठित की गई थी। गुरुवार को इस टीम ने जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
दो पुलिस अफसरों समेत 29 की मौत हुई थी
दो जून को शाम के वक्त जवाहर बाग को खाली कराने पहुंचे एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव पर बाग पर कब्जा जमाए बैठे लोगों ने हमला कर दिया था। इस हिंसा में दोनों पुलिस अधिकारी शहीद हो गए थे जबकि 200 से भी ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हिंसा में कब्जाधारियों की भी मौत हुई थी। मरने वाले कब्जाधारियों की संख्या 27 थी। बाद में पता चला कि इस हिंसा का सूत्रधार रामवृक्ष यादव भी मारा गया था। जलने से उसकी मौत हुई थी। बाद में दो अन्य कब्जाधारी झिनकु चौहान और रामभरोसे की भी शिनाख्त हो गई थी। इस मामले में 104 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
तीन की मौत के बाद 101 को मुल्जिम बनाया गया। इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच की टीम के इंस्पेक्टर कुंवर सिंह यादव कर रहे थे। गुरुवार को उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में 85 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में रामवृक्ष के खास गुर्गे चंदनबोस, वीरेश यादव और राकेश गुप्ता समेत 101 लोगों पर धारा 147, 148, 149, 302, 307, 436, 332, 333, 353, 120 बी, 188 और पब्लिक प्रापर्टी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। चार्जशीट में कहा गया है कि इन सभी ने मिलकर एसपी सिटी और एसओ की हत्या की थी।
रामवृक्ष के बेटे को गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस
पुलिस अभी तक जवाहर बाग हिंसा में रामवृक्ष यादव के बेटों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि वह भी जवाहर बाग में रहकर कब्जाधारियों का सहयोग कर रहे थे। कुछ दूसरे लोगों के नाम भी सामने आए थे मगर पुलिस अभी तक इसमें कोई एक्शन नहीं ले पाई है।
पूनम बोस को भी बनाया गया हत्या का मुल्जिम
पुलिस ने चंदन बोस की पत्नी पूनम बोस को भी मुल्जिम बनाया है। पुलिस ने चार्जशीट में कहा है कि पश्चिम बंगाल निवासी पूनम बोस वहां मौजूद भीड़ को उकसाती थी। कहती थी कि पुलिस वाले जैसे ही बाग में प्रवेश करें उन पर हमला कर देना है। पुलिस ने पूनम बोस के अलावा किसी भी महिला को मुल्जिम नहीं बनाया है।
राकेश गुप्ता को माना गया फाइनेंसर
पुलिस ने बदायूं निवासी राकेश गुप्ता को ही फाइनेंसर माना है। पुलिस जांच में कहा गया है कि वही आर्थिक मदद कराता था।
49 लोगों से बरामद हुए थे तमंचे और गोला-बारूद
पुलिस ने जवाहर बाग हिंसा में 49 लोगों से तमंचे और गोला-बारूद बरामद किया था। चोरी के वाहन भी यहां से बड़ी संख्या में बरामद किए थे।