मथुरा। बदलता मौसम लोगों में जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों का दर्द बढ़ा रहा है। भागदौड़ भरी जिंदगी में अव्यवस्थित जीवन शैली, खानपान, सोने, उठने, बैठने के गलत तरीकों के कारण गर्दन में दर्द (सर्वाइकल स्पेंडलाइटिस) के लोग शिकार हो रहे हैं। युवाओं में यह रोग तेजी से बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार हड्डी रोग की ओपीडी में आने वाले 50 फीसदी मरीज सर्वाइकल के आ रहे हैं। इसमें ज्यादातर युवा वर्ग शामिल है। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन औसतन इस ओपीडी में 240 मरीज आ रहे हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल के अनुसार सर्वाइकल मांसपेसियों पर अधिक भार के कारण होता है। पहले 50 से अधिक उम्र के लोगों में सर्वाइकल की समस्या देखने को मिलती थी, लेकिन अब इस समस्या से पीड़ित युवाओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
सर्वाइकल के लक्षण और बचाव
उन्होंने बताया कि सर्वाइकल के लक्षण में मुख्य रूप से सिर में दर्द, गर्दन और कंधों में जकड़न, हाथ पैर में कमजोरी, बाजुओं में कमजोरी और गर्दन के दोनों तरफ दर्द शामिल है। इस मौसम में रक्तचाप कम हो जाता है, ऐसे में सर्वाइकल से बचाव के लिए जरूरी है योग, प्राणायाम, और व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करें। बहुत देर तक एक ही अवस्था में बैठकर और खड़े होकर काम करने से बचें। पतला तकिया इस्तेमाल करें और अधिक दर्द होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।