वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी ने वीआईपी श्रद्धालुओं के प्रवेश द्वार में बदलाव किया है। अब गेट संख्या चार से वीआईपी को मंदिर में प्रवेश कराने की नई व्यवस्था लागू कर दी है। यह व्यवस्था सोमवार से प्रभावी हो गई है।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में अब तक वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत आने वाले भक्तों को श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच प्रवेश द्वार दो से मंदिर में प्रवेश दिलाया जाता था। इसके लिए प्रवेश द्वार से अंदर की रेलिंग तक वीआईपी के लिए रास्ता खाली कराया जाता था। इससे दर्शनार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। मंदिर प्रबंध कमेटी के आदेश पर निकास द्वार चार के चबूतरा पर वीआईपी के लिए कटहरा अप्रैल माह में बनाया गया था, लेकिन व्यवस्था अब लागू की गई है।
मंदिर हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी के तत्कालीन सदस्य दिनेश गोस्वामी के प्रस्ताव पर यह वीआईपी कटहरा बनाया गया था। नई व्यवस्था के तहत अब वीआईपी श्रद्धालु गेट संख्या चार से मंदिर में प्रवेश कर सीधे वीआईपी कटहरा पहुंचेंगे। दर्शन करने के बाद वे गेट संख्या एक निकास द्वार से बाहर निकलेंगे। वीआईपी प्रोटोकॉल में मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों लगाया गया है।
नई व्यवस्था का विरोध
हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य एवं मंदिर के सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने नई व्यवस्था पर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव सुरक्षा की दृष्टि से अनुचित है। निकास द्वार से श्रद्धालुओं को प्रवेश देना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था वर्ष 2004 में हाईकोर्ट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कमेटी द्वारा लागू की गई इस नई व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाएंगे।