चंद्रग्रहण में इन बातों का रखें ख्याल
- भूलकर भी सोना नहीं चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति में रोग आदि बढ़ जाता है।
- ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं जाना चाहिए। नुकीली, धारदार चीज उपयोग न करें।
- ग्रहण काल के समय पूजा अर्चना नहीं करनी चाहिए। मंदिर के गेट बंद रखें, भजन कीर्तन करें।
- चंद्र ग्रहण के बाद स्नान और दान का भी विशेष महत्व होता है।
चंद्र ग्रहण का राशि प्रभाव
पंडित शरद चतुर्वेदी ने बताया कि यह चंद्रग्रहण भरणी नक्षत्र मेष राशि पर लग रहा है। इस राशि वाले इस ग्रहण को कदापि नहीं देखें। मेष राशि को शारीरिक कष्ट, वृषभ राशि को धन हानि, मिथुन राशि को धन लाभ, कर्क राशि को कष्ट, सिंह राशि को नष्ट, कन्या राशि को शारीरिक कष्ट, तुला राशि को दांपत्य कष्ट, वृश्चिक राशि के लिए शुभ, धनु राशि के लिए साधारण, मकर राशि को अशुभ, कुंभ राशि को उन्नति कारक और मीन राशि को धन हानिकारक रहेगा। कार्तिक मास में ग्रहण समुद्र एवं तटीय इलाके पर अशुभ है। महंगाई बढ़ेगी, फसलों को हानि, राजनीति में अशांति रहने की संभावना है।
जन्मभूमि के पट रहेंगे बंद, द्वारिकाधीश देंगे दर्शन
चंद्र ग्रहण के दौरान श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पट बंद रहेंगे, जबकि मंदिर द्वारिकाधीश में भक्त इस दौरान दर्शन कर सकेंगे। द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर के दर्शन पूरे ग्रहण काल में खुलेंगे। भक्तगण ग्रहण काल में शाम 5:41 से 6:15 बजे तक दर्शन के साथ मंदिर परिसर में भजन कीर्तन परिक्रमा इत्यादि कर सकेंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर स्थित सभी मंदिरों के इस दौरान पट बंद रहेंगे। हालांकि भक्तजनों को आराधना के लिए प्रवेश की अनुमति होगी। भजन, कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। श्री दीर्घ विष्णु मंदिर में चंद्र ग्रहण के दौरान ठाकुरजी के पट बंद रहेंगे। मंदिर के महंत कांतानाथ चतुर्वेदी ने बताया कि प्रात: 8.30 बजे सेवा के बाद शाम साढ़े छह बजे तक दर्शन नहीं होंगे।