चंदनबोस और उसकी पत्नी को जेल भेजा
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जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष यादव के दाहिने हाथ चंदनबोस और उसकी पत्नी पूनम को गुरुवार सुबह बस्ती से कड़ी सुरक्षा में मथुरा लाया गया। यहां एसएसपी सहित चार पुलिस अधिकारियों और क्राइम बांच की टीम ने उनसे चार घंटे से भी अधिक समय तक पूछताछ की। इसके बाद दोनों का मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
चंदनबोस और उसकी पत्नी को पुलिस ने फिलहाल चार पुराने मामलों में न्यायालय में पेश किया। इनमें वह पहले से ही वांछित चल रहा था। एक मामला 22 जनवरी, 2014 की रात में जवाहर बाग के सामने गेट बनाने के दौरान तत्कालीन एसओ सदर प्रदीप पांडेय, तत्कालीन कोतवाली प्रभारी कुंवर सिंह यादव, तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट हेम सिंह यादव सहित पांच अधिकारियों को मारपीट कर घायल करने का है। तीन अन्य मामलों में चार अप्रैल को मथुरा तहसील में वकीलों-वादकारियों पर हमला करने, आलू खोदने गए जवाहर बाग के कर्मचारियों को मारपीट कर बंधक बनाने और पेड़ काटने से रोकने पर कर्मचारियों से मारपीट करने के मामले हैं।
बताया जा रहा है कि दो जून को आपरेशन जवाहर बाग के दौरान पेड़ से कूदने पर चंदनबोस की पैर की हड्डी टूट गई थी। उसके चार साथी और पत्नी पूनम उसे जवाहर बाग से निकाल ले गए थे। उसे बस्ती पुलिस ने मंगलवार की देर रात उसकी ससुराल से पत्नी सहित गिरफ्तार कर लिया था। चंदनबोस और उसकी पत्नी को कड़ी सुरक्षा में क्राइम ब्रांच की टीम मथुरा लेकर आई। गुरुवार सुबह एसएसपी बबलू कुमार, एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी, एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी, एसपी क्राइम राजेश सोनकर, एसपी ग्रामीण अरुण कुमार सिंह ने दोनों पूछताछ की। दोपहर एक बजे दोनों का फिर से मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद सीजेएम की कोर्ट और एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।