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हड़ताल में फंसे 28,000 प्रमाणपत्र

Fri, 09 Sep 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला मथुरा
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प्रमाण पत्र - फोटो : डेमो फोटो
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करीब एक पखवाडे़ से लेखपालों की हड़ताल के चलते जनपद में 28,000 प्रमाणपत्र तहसील स्तर पर ही अटक गए हैं। इस संख्या में करीब 2,000 का इजाफा प्रतिदिन हो रहा है, लेकिन प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। इधर, लेखपालों ने आंदोलन को और आगे बढ़ा दिया है।
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प्रांतीय आंदोलन के तहत जनपद के लेखपाल पिछले माह से हड़ताल पर हैं। इससे करीब एक पखवाडे़ से लेखपालों ने कोई विभागीय कार्य नहीं किया है। इसका बुरा असर तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाणपत्रों पर पड़ रहा है। इससे जनपद में लंबित प्रमाणपत्रों की संख्या वर्तमान में 28,000 पहुंच गई है। इसमें जाति, आय, मृत्यु और निवास प्रमाणपत्र भी हैं। डीएम के स्तर से जारी होने वाला निवास प्रमाणपत्र भी बगैर लेखपालों की रिपोर्ट के फिलहाल जारी नहीं हो पा रहा है।

जनपद में लंबित प्रमाण पत्रों के ताजा आंकडे़ बताते हैं कि 28,000 आवेदनों में से 17,000 आवेदनों को दो सप्ताह से भी ज्यादा वक्त हो गया है, जबकि 10,000 आवेदन एक सप्ताह से लंबित हैं। इनमें आय के 11000, जन्म के 332, जाति के 7680, निवास के 8576 और 80 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी होने हैं।
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आंदोलन की अवधि और बढ़ाई
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। सदर तहसील में एकत्रित लेखपालों ने धरना जारी रखते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान किया है। अध्यक्षता संयुक्त रूप से कमल सिंह, रामवीर सिंह यादव, ऋषिपाल सिंह, प्रहलाद सिंह, गजेंद्र सिंह ने की। संचालन रमेशचंद्र यादव ने किया। हजारी लाल, ईश्वरी प्रसाद, महेंद्र वीर सिंह, अरविंद शर्मा, अशोक कुमार गौतम, राधाकृष्ण शर्मा आदि ने विचार रखे। 
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