अविरल यमुना और इसकी निर्मलता के लिए सालों से लड़ रहे ब्रजवासियों में इस बार उम्मीद का संचार हुआ है। इसकी बड़ी वजह संतों की मौजूदगी में केंद्र सरकार के मंत्री की ओर से मंच से सभी मांगें माने जाने की घोषणा किया जाना है। इधर पूर्व में सरकार से धोखा खा चुके ब्रजवासी इस बात के लिए भी तैयार हैं कि अगर 60 दिन बाद भी सरकार ने नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो फिर से आंदोलन किया जाए। ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा ने कहा कि यमुना की अविरल और निर्मल धारा ब्रज में आने तक मानमंदिर बरसाना में संकीर्तन जारी रहेगा। सरकार ने जो घोषणा की है वो उसे पूरा करे। हमारा अभियान निर्मल धारा तक अनवरत रहेगा। अभियान का लंबे समय तक सहयोग करने के लिए ‘अमर उजाला’ का आभार। यमुना भक्तों के हर कदम पर ‘अमर उजाला’ साथ नजर आया।
यमुना मुक्तिकरण पदयात्रियों के साथ ही ये विजय समूचे ब्रजवासी, यमुना में आस्था रखने वाले करोड़ों वैष्णव जनों की है। ये जीत उन लोगों की भी है जिन्होंने इस आंदोलन को किसी न किसी रूप में सहयोग प्रदान किया। केंद्र सरकार के निर्णय के बाद ब्रज में यमुना की अविरल-निर्मलधारा का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
- पुष्टीमार्गीय आचार्य पंकज बाबा
पदयात्रियों में सरकार के निर्णय से जोश का संचार हुआ है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत जारी होने वाला नोटिफिकेशन यमुना की अविरलता के लिए कवच का कार्य करेगा। यह सभी ब्रजवासियों, संतों, पुष्टिमार्गीय आचार्यों की जीत है।
- सुनील सिंह, सह संयोजक यमुना मुक्तिकरण अभियान
दिल्ली का संदेश लेकर निकले स्केटर्स
यमुना मुक्तिकरण के लिए निकले पदयात्रियों ने दिल्ली से केंद्र सरकार का संदेश दिया तो ब्रज में खुशी की लहर दौड़ गई। आंदोलन के लिए जनशक्ति जुटाने को इकट्ठा हुए रॉल-बॉल और स्केटिंग खिलाड़ी सफलता का संदेश लेकर आगे बढ़े। आंदोलन को शक्ति देने के लिए रविवार को निकाली जाने वाली रैली दिल्ली में घोषणा के बाद सफलता का प्रचार करने निकली। कचहरी पर मौजूद स्केटर्स का जोश दोगुना हो गया था। तेज धूप को आंखें दिखाते हुए खिलाड़ी प्रांतीय सचिव कन्हैया गुर्जर के नेतृत्व में सड़कों पर फर्राटा भरने लगे। रैली में राष्ट्रीय खिलाड़ी धीरेंद्र प्रताप, अजय, विशाल शर्मा, राहुल शर्मा, पवन कुमार, चेतन, मोहित कुशवाह, करनाल सिंह, विशाल चौधरी, छत्रपाल आदि ने भाग लिया।